माँ चंद्रघंटा

माँ चंद्रघंटा की महिमा

नवरात्रि का तीसरा दिन :- माँ चंद्रघंटा की महिमा

​विस्तृत जानकारी (Detailed History)

नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माँ का यह स्वरूप शांति और कल्याणकारी है। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, जिसके कारण इन्हें ‘चंद्रघंटा‘ कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब असुरों का आतंक बढ़ गया था, तब देवताओं की रक्षा के लिए देवी ने यह अवतार लिया था। इनके गले में सफेद फूलों की माला है और इनका वाहन सिंह है। माँ चंद्रघंटा की आराधना से भक्तों को निर्भयता और सौम्यता प्राप्त होती है।

​बनावट का विवरण (Detailed Appearance)

माँ चंद्रघंटा का शरीर सोने के समान चमकीला है। उनके दस हाथ हैं, जिनमें खड्ग, धनुष-बाण, त्रिशूल, गदा, और कमल जैसे अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं। वे युद्ध के लिए सदैव तत्पर मुद्रा में रहती हैं, लेकिन उनके चेहरे पर अपार शांति झलकती है। उनके माथे पर स्थित अर्धचंद्र उनके दिव्य तेज का प्रतीक है, जो मन को एकाग्र करने में सहायक होता है।

​यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes)

यदि आप नवरात्रि के दौरान माँ चंद्रघंटा के प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) में स्थित मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है।

  • टिकट :– मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है। वीआईपी दर्शन के लिए स्थानीय प्रशासन के पास रसीद कटवाई जा सकती है।
  • समय :– सुबह 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक। आरती का समय सुबह और शाम को विशेष होता है।
  • पहुँचने का मार्ग :– वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से यह मंदिर लगभग 4-5 किलोमीटर की दूरी पर है। आप ऑटो या रिक्शा से आसानी से पहुँच सकते हैं।
  • फोटोग्राफी स्पॉट्स :– मंदिर परिसर के बाहरी हिस्से और मुख्य द्वार की नक्काशी फोटोग्राफी के लिए सुंदर है। (गर्भगृह में मनाही हो सकती है)।
  • स्थानीय स्वाद :– वाराणसी की प्रसिद्ध कचौड़ी-सब्जी और बनारसी लस्सी का आनंद जरूर लें।
  • प्रसिद्ध बाज़ार :– पास ही में गोदौलिया और चौक बाज़ार है जहाँ से आप बनारसी साड़ियाँ और पूजा सामग्री खरीद सकते हैं।

​रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • ​माँ चंद्रघंटा के घंटे की भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव और दैत्य हमेशा कांपते रहते हैं।
  • ​इस दिन का शुभ रंग नारंगी (Orange) है, जो स्फूर्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
  • ​माँ को दूध और दूध से बनी मिठाइयाँ अति प्रिय हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-

प्रश्न 1: नवरात्रि के तीसरे दिन कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए?

उत्तर:- तीसरे दिन नारंगी रंग के कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।

प्रश्न 2:- माँ चंद्रघंटा की पूजा से क्या लाभ होता है?

उत्तर:- उनकी कृपा से साधक को वीरता, निर्भयता और मन की शांति मिलती है।

प्रश्न 3: माँ चंद्रघंटा का पसंदीदा भोग क्या है?

उत्तर:- माँ को केसर की खीर या दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाना श्रेष्ठ है।

“माँ चंद्रघंटा के घंटे की ध्वनि आपके जीवन से सभी नकारात्मक शक्तियों का नाश करे।”

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