HISTORY ( इतिहास )

पिडावा किला ( झालावाड़ )

पिडावा किला :- झालावाड़ की पश्चिमी सीमा का सजग प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील में स्थित यह किला राजस्थान और मध्य प्रदेश (मालवा) की सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण सामरिक चौकी रहा है। इसका इतिहास मुख्य रूप से खींची चौहानों और बाद में झाला जालिम सिंह के शासनकाल से जुड़ा […]

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अभेड़ा महल

अभेड़ा महल :- चंबल के तट पर बसा कलात्मक जल-दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कोटा शहर से लगभग 8 किमी दूर चंबल नदी के किनारे स्थित अभेड़ा महल कोटा रियासत के गौरवशाली इतिहास का एक अभिन्न अंग है। इसका निर्माण 18वीं शताब्दी के मध्य में कोटा के तत्कालीन शासक महाराव दुर्जनशाल सिंह ने अपनी रानी

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इंदरगढ़ किला

इंदरगढ़ किला :- अरावली की गोद में बसा ‘बिजासन माता’ का रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बूंदी और कोटा की सीमा पर स्थित इंदरगढ़ किला हाड़ौती क्षेत्र के सबसे दुर्गम और प्राचीन किलों में से एक है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी (लगभग 1605 ई.) में राव राजा रतन सिंह के पुत्र इंद्रसाल सिंह हाड़ा ने

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सुनेल किला ( झालावाड़ )

सुनेल किला :- राजपूताना और मालवा की सीमाओं का संगम ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील के पास स्थित सुनेल किला ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। यह क्षेत्र लंबे समय तक मालवा (मध्य प्रदेश) और राजपूताना (राजस्थान) के बीच एक विवादित और सामरिक क्षेत्र बना रहा। 18वीं शताब्दी में यह

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रणथंभौर किला ( सवाई माधोपुर )

रणथंभौर किला :- विंध्य और अरावली के संगम पर स्थित अजेय दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) सवाई माधोपुर में स्थित रणथंभौर किला यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी (944 ईस्वी) में चौहान वंश के राजा सपालदक्ष ने करवाया था। यह किला अपने सबसे प्रतापी राजा हम्मीर देव चौहान के लिए जाना

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जयगढ़ किला ( जयपुर )

जयगढ़ किला :- जयपुर का अभेद्य सैन्य दुर्ग और विजय का प्रतीक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जयपुर में अरावली की ‘चील का टीला‘ पहाड़ी पर स्थित जयगढ़ किले का निर्माण सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1726 ईस्वी में करवाया था। इस किले का मुख्य उद्देश्य आमेर किले की सुरक्षा करना था, इसलिए इन दोनों किलों के

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गागरोन किला ( झालावाड़ )

गागरोन किला :- बिना नींव के खड़ा जलदुर्ग का अद्वितीय नमूना ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले में स्थित गागरोन किला यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इसका निर्माण 7वीं से 8वीं शताब्दी के दौरान डोड राजा बीजलदेव ने करवाया था। यह भारत के उन दुर्लभ किलों में से एक है जो

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गुगोर किला ( बारां )

गुगोर किला :- पार्वती नदी के आगोश में बसा ऐतिहासिक दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की छबड़ा तहसील के पास स्थित गुगोर किला राजस्थान के महत्वपूर्ण जल-दुर्गों में से एक है। इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन है और यह मुख्य रूप से खींची चौहानों का गढ़ रहा है। यह किला अपनी सामरिक स्थिति के

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तिजारा किला  ( अलवर )

तिजारा किला :- अफगान और राजपूत वास्तुकला का संगम ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अलवर जिले की तिजारा तहसील में एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह किला इतिहास के कई उतार-चढ़ावों का साक्षी रहा है। इसका प्रारंभिक निर्माण स्थानीय ‘खानजादा‘ शासकों द्वारा करवाया गया था, जो अफगान मूल के थे। बाद में 19वीं शताब्दी (1835 ई.)

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शाहबाद किला ( बारां )

शाहबाद किला :- अरावली की कंदराओं में बसा अभेद्य दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले के शाहबाद कस्बे में अरावली की ऊँची पहाड़ियों पर स्थित यह किला राजस्थान के सबसे मजबूत और विशाल किलों में से एक है। इसका निर्माण 1521 ई. में चौहान वंश के राजा मुकुटमणि देव ने करवाया था। यह किला

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