
मानसिक शांति: आधुनिक युग की सबसे बड़ी ज़रूरत :-
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर बाहरी शोर में इतने खो जाते हैं कि अपने अंदर की आवाज सुनना भूल जाते हैं। तनाव, चिंता और थकावट केवल शरीर को नहीं, बल्कि आत्मा को भी प्रभावित करती है। मानसिक शांति कोई मंजिल नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है।
इसे पाने के सरल उपाय :-
- वर्तमान में जिएं :– भविष्य की चिंता और अतीत के पछतावे को छोड़कर ‘आज’ पर ध्यान केंद्रित करें।
- डिजिटल डिटॉक्स :– सोशल मीडिया की तुलनात्मक दुनिया से ब्रेक लें। सोने से एक घंटे पहले फोन का त्याग करें।
- गहरी सांस लें :– जब भी तनाव महसूस हो, 5 मिनट गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।
- ध्यान (Meditation) :– रोज़ 10 मिनट का मौन आपके दिमाग को पुनर्जीवित कर सकता है
- प्रकृति से जुड़ाव: पौधों के बीच समय बिताने से खुशी के हार्मोन बढ़ते हैं।
- प्रश्न 1:– विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ‘स्वास्थ्य’ की परिभाषा में केवल बीमारी की अनुपस्थिति ही नहीं, बल्कि और क्या शामिल है?
उत्तर:– शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण (Complete Physical, Mental, and Social Well-being)।
प्रश्न 2 :– भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ (जिसमें मानसिक स्वास्थ्य भी शामिल है) को मौलिक अधिकार माना गया है?
उत्तर :– अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार)।
प्रश्न 3 :– ‘बर्नआउट’ (Burnout) शब्द का प्रयोग आमतौर पर किस स्थिति को दर्शाने के लिए किया जाता है?
उत्तर :– अत्यधिक कार्य तनाव के कारण होने वाली शारीरिक और मानसिक थकावट की स्थिति।
प्रश्न 4 :– भारत सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (NMHP) किस वर्ष शुरू किया गया था?
उत्तर :– वर्ष 1982 में।
प्रश्न 5 :– ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (SDG) के अंतर्गत किस लक्ष्य में मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने की बात कही गई है?
उत्तर :– SDG लक्ष्य 3 (Good Health and Well-being)।
