
भारत की सभी 85 रामसर साइट्स का विस्तृत विवरण
उत्तर प्रदेश (10 साइट्स + नवीनतम अपडेट)
- ऊपरी गंगा नदी (ब्रजघाट से नरोरा):– यहाँ गंगा डॉल्फिन पाई जाती हैं।
- नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (उन्नाव):– इसे अब ‘चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी अभयारण्य’ भी कहते हैं।
- सांडी पक्षी अभयारण्य (हरदोई):– यह इंडो-गैंगेटिक मैदान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- समसपुर पक्षी अभयारण्य (रायबरेली):– यहाँ पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियाँ मिलती हैं।
- समन पक्षी अभयारण्य (मैनपुरी):– सारस क्रेन के लिए प्रसिद्ध।
- पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य (गोन्डा):– दो झीलों का संगम।
- सरसाई नावर झील (इटावा):– यह एक स्थायी दलदली क्षेत्र है।
- सूर सरोवर (आगरा):– इसे कीठम झील भी कहा जाता है।
- हैदरपुर वेटलैंड (बिजनौर/मुजफ्फरनगर):– हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य का हिस्सा।
- बखिरा वन्यजीव अभयारण्य (संत कबीर नगर):– पूर्वी यूपी की बड़ी प्राकृतिक झील।
नोट:- पटना पक्षी विहार (एटा) उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार है और इसे संरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
तमिलनाडु (18 साइट्स – भारत में सबसे अधिक)
11. कारीकिली पक्षी अभयारण्य
12. पल्लिकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट
13. पिचवरम मैंग्रोव
14. मन्नार की खाड़ी समुद्री बायोस्फीयर रिजर्व
15. वेम्बन्नूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स
16. वेललोड पक्षी अभयारण्य
17. वेदानथंगल पक्षी अभयारण्य
18. उदयमार्थण्डपुरम पक्षी अभयारण्य
19. चित्रंगुडी पक्षी अभयारण्य
20. सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स
21. वदुवूर पक्षी अभयारण्य
22. कांजीरकुलम पक्षी अभयारण्य
23. कुंथनकुलम पक्षी अभयारण्य
24. पॉइंट कैलिमेर वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य
25. कराईवेट्टी पक्षी अभयारण्य (2024 में शामिल)
26. लॉन्गवुड शोला रिजर्व फॉरेस्ट (2024 में शामिल)
27. नंजरायण पक्षी अभयारण्य (2024 में शामिल)
28. कझुवेली पक्षी अभयारण्य (2024 में शामिल)
ओडिशा (6 साइट्स)
29. चिल्का झील:– भारत की पहली रामसर साइट।
30. भितरकनिका मैंग्रोव:– खारे पानी के मगरमच्छों के लिए प्रसिद्ध।
31. सतकोसिया गॉर्ज:– महानदी पर स्थित।
32. टाम्पारा झील
33. हीराकुंड जलाशय
34. अंसुपा झील
पंजाब (6 साइट्स)
35. हरिके झील:– सतलुज और ब्यास का संगम।
36. कंजली वेटलैंड
37. रोपड़ वेटलैंड
38. केशोपुर-मियानी कम्युनिटी रिजर्व
39. ब्यास संरक्षण रिजर्व
40. नांगल वन्यजीव अभयारण्य
जम्मू और कश्मीर (5 साइट्स)
41. वुलर झील:– मीठे पानी की सबसे बड़ी झील।
42. होकरसर वेटलैंड
43. सुरिनसर-मानसर झीलें
44. हाईगम वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व
45. शालबुग वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व
गुजरात (5 साइट्स)
46. नलसरोवर पक्षी अभयारण्य
47. थोल झील वन्यजीव अभयारण्य
48. वाधवाना वेटलैंड
49. खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य
50. नानी काकड़द वेटलैंड (2024 में शामिल)
मध्य प्रदेश (4 साइट्स)
51. भोज वेटलैंड (भोपाल)
52. साख्य सागर (शिवपुरी)
53. सिरपुर तालाब (इंदौर)
54. यशवंत सागर (इंदौर)
कर्नाटक (4 साइट्स)
55. रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य
56. मगदी केरे संरक्षण रिजर्व
57. अनकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व
58. अघनाशिनी मुहाना
हिमाचल प्रदेश (3 साइट्स)
59. पोंग बांध झील
60. रेणुका झील:– भारत की सबसे छोटी साइट।
61. चंद्र ताल
केरल (3 साइट्स)
62. अष्टमुडी वेटलैंड
63. सस्तमकोट्टा झील
64. वेम्बनाड-कोल वेटलैंड
महाराष्ट्र (3 साइट्स)
65. नंदूर मदमेश्वर
66. लोनार झील:– उल्कापिंड के गिरने से बनी।
67. ठाणे क्रीक
राजस्थान (2 साइट्स)
68. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान:– (भरतपुर पक्षी विहार)
69. सांभर झील:– सबसे बड़ी खारी झील।
हरियाणा (2 साइट्स)
70. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान
71. भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य
पश्चिम बंगाल (2 साइट्स)
72. पूर्वी कोलकाता वेटलैंड्स
73. सुंदरवन डेल्टा:– सबसे बड़ी रामसर साइट।
लद्दाख (2 साइट्स)
74. त्सो मोरिरी
75. त्सो कर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स
अन्य राज्यों की प्रमुख साइट्स:
76. लोकटक झील (मणिपुर):– तैरता हुआ केबुल लामजाओ नेशनल पार्क।
77. दीपोर बील (असम)
78. रुद्रसागर झील (त्रिपुरा)
79. आसन कंजर्वेशन रिजर्व (उत्तराखंड)
80. कंवर ताल या काबर ताल (बिहार)
81. पाला वेटलैंड (मिजोरम)
82. नंदा झील (गोवा)
83. सिरपुर वेटलैंड (छत्तीसगढ़)
84. तवा जलाशय (मध्य प्रदेश)
85. उधवा पक्षी अभयारण्य (झारखंड)
रोचक तथ्य (Interesting Facts)
- सबसे बड़ी साइट:– पश्चिम बंगाल का सुंदरवन (4230 वर्ग किमी)।
- सबसे छोटी साइट:– हिमाचल प्रदेश की रेणुका झील (0.2 वर्ग किमी)।
- सर्वाधिक संख्या:– तमिलनाडु (18) और उसके बाद उत्तर प्रदेश (10)।
- मोंट्रेक्स रिकॉर्ड:– लोकटक झील (मणिपुर) और केवलादेव (राजस्थान) इस रिकॉर्ड में शामिल हैं, जो उन साइट्स के लिए है जहाँ पारिस्थितिक परिवर्तन हो रहे हैं।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:- भारत में 2024 में कितनी नई साइट्स जुड़ी हैं?
उत्तर:- 2024 में अब तक 5 नई साइट्स (तमिलनाडु और गुजरात से) जोड़ी गई हैं, जिससे संख्या 80 से बढ़कर 85 हो गई है।
प्रश्न 2:- क्या किसी साइट को रामसर सूची से हटाया जा सकता है?
उत्तर:- हाँ, यदि उस स्थल की पारिस्थितिक विशेषताएं पूरी तरह नष्ट हो जाएं, तो उसे हटाया जा सकता है, हालांकि ऐसा बहुत कम होता है।
प्रश्न 3:- रामसर साइट का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर:- इसे अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलती है, संरक्षण के लिए फंड और तकनीकी सहायता प्राप्त होती है और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।
“परिंदों की पनाहगाह और कुदरत का अनमोल उपहार: भारत की रामसर साइट्स, जहाँ धड़कती है ज़मीन की रूह।”
