FORTS OF INDIA ( भारत के किले )

रणथंभौर किला ( सवाई माधोपुर )

रणथंभौर किला :- विंध्य और अरावली के संगम पर स्थित अजेय दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) सवाई माधोपुर में स्थित रणथंभौर किला यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी (944 ईस्वी) में चौहान वंश के राजा सपालदक्ष ने करवाया था। यह किला अपने सबसे प्रतापी राजा हम्मीर देव चौहान के लिए जाना […]

रणथंभौर किला ( सवाई माधोपुर ) Read More »

जयगढ़ किला ( जयपुर )

जयगढ़ किला :- जयपुर का अभेद्य सैन्य दुर्ग और विजय का प्रतीक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जयपुर में अरावली की ‘चील का टीला‘ पहाड़ी पर स्थित जयगढ़ किले का निर्माण सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1726 ईस्वी में करवाया था। इस किले का मुख्य उद्देश्य आमेर किले की सुरक्षा करना था, इसलिए इन दोनों किलों के

जयगढ़ किला ( जयपुर ) Read More »

गागरोन किला ( झालावाड़ )

गागरोन किला :- बिना नींव के खड़ा जलदुर्ग का अद्वितीय नमूना ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले में स्थित गागरोन किला यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इसका निर्माण 7वीं से 8वीं शताब्दी के दौरान डोड राजा बीजलदेव ने करवाया था। यह भारत के उन दुर्लभ किलों में से एक है जो

गागरोन किला ( झालावाड़ ) Read More »

गुगोर किला ( बारां )

गुगोर किला :- पार्वती नदी के आगोश में बसा ऐतिहासिक दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की छबड़ा तहसील के पास स्थित गुगोर किला राजस्थान के महत्वपूर्ण जल-दुर्गों में से एक है। इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन है और यह मुख्य रूप से खींची चौहानों का गढ़ रहा है। यह किला अपनी सामरिक स्थिति के

गुगोर किला ( बारां ) Read More »

तिजारा किला  ( अलवर )

तिजारा किला :- अफगान और राजपूत वास्तुकला का संगम ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अलवर जिले की तिजारा तहसील में एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह किला इतिहास के कई उतार-चढ़ावों का साक्षी रहा है। इसका प्रारंभिक निर्माण स्थानीय ‘खानजादा‘ शासकों द्वारा करवाया गया था, जो अफगान मूल के थे। बाद में 19वीं शताब्दी (1835 ई.)

तिजारा किला  ( अलवर ) Read More »

शाहबाद किला ( बारां )

शाहबाद किला :- अरावली की कंदराओं में बसा अभेद्य दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले के शाहबाद कस्बे में अरावली की ऊँची पहाड़ियों पर स्थित यह किला राजस्थान के सबसे मजबूत और विशाल किलों में से एक है। इसका निर्माण 1521 ई. में चौहान वंश के राजा मुकुटमणि देव ने करवाया था। यह किला

शाहबाद किला ( बारां ) Read More »

डग किला ( झालावाड़ )

डग किला :- डग की विरासत और ऐतिहासिक वैभव ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के डग कस्बे में स्थित यह किला राजस्थान के सबसे पुराने किलों में से एक माना जाता है। इसका इतिहास काफी प्राचीन है और यह डोडिया राजपूतों, मालवा के सुल्तानों और बाद में कोटा के हाड़ा शासकों के अधीन रहा।

डग किला ( झालावाड़ ) Read More »

किशनगढ़ किला  ( अलवर )

किशनगढ़ किला :- खैरथल की विरासत और राजपूती आन ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अलवर के उत्तरी भाग (वर्तमान खैरथल-तिजारा जिला) में स्थित किशनगढ़ किले का निर्माण 18वीं शताब्दी में अलवर के महाराजा महाराव राजा किशन सिंह ने करवाया था। यह किला मुख्य रूप से दिल्ली और हरियाणा की ओर से होने वाले आक्रमणों को रोकने

किशनगढ़ किला  ( अलवर ) Read More »

कपासी किला ( बारां )

कपासी किला :- प्राचीन स्थापत्य और सैन्य दृढ़ता का प्रतीक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले के छबड़ा और गुगोर क्षेत्र के समीप स्थित कपासी किला मध्यकालीन राजस्थान की रक्षा पंक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसका निर्माण मुख्य रूप से स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा मालवा से होने वाले आक्रमणों को रोकने और क्षेत्र

कपासी किला ( बारां ) Read More »

सुनेल किला ( झालावाड़ )

सुनेल किला :- मालवा और राजस्थान की सीमाओं का सजग रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले की सुनेल तहसील में स्थित यह किला ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। सुनेल का क्षेत्र प्राचीन काल में ‘मालवा‘ का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन भाषाई और सांस्कृतिक रूप से यह हमेशा राजस्थान के करीब रहा।

सुनेल किला ( झालावाड़ ) Read More »