April 2026

Delhi

Delhi :- The Historical and Cultural Heart of India Detailed History :- Delhi is not just the capital of India but a living city that holds several layers of history within it. According to mythology, it was known as ‘Indraprastha‘ during the Mahabharata era. In the medieval period, Delhi was ruled by the Tomars, Chauhans, […]

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Tally Prime में ‘Create’

Tally Prime में ‘Create’ विकल्प एक मुख्य गेटवे है जहाँ से आप अपनी अकाउंटिंग और इन्वेंट्री की आधारशिला रखते हैं। आसान शब्दों में कहें तो, किसी भी लेनदेन (Entry) को दर्ज करने से पहले आपको जो मास्टर डेटा चाहिए होता है, वह यहीं से बनता है। यहाँ विस्तार से बताया गया है कि आप ‘Create’

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Tally Prime में ‘Alter’

Tally Prime में ‘Alter’ विकल्प का मुख्य कार्य पहले से बनी हुई जानकारी में बदलाव करना या उसे हटाना है। अगर ‘Create’ किसी चीज़ की शुरुआत है, तो ‘Alter’ उसे सुधारने या अपडेट करने का माध्यम है। ​यहाँ ‘Alter’ के मुख्य उपयोगों का विस्तृत विवरण दिया गया है: ​1. मास्टर डेटा में सुधार (Modifying Masters)

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कनवास किला ( कोटा )

कनवास किला :- उजयार और चंबल की धाराओं का रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कोटा जिले की कनवास तहसील में स्थित यह किला हाड़ौती क्षेत्र के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक रहा है। इसका इतिहास मुख्य रूप से हाड़ा चौहान शासकों के शौर्य से जुड़ा है। कनवास का किला सामरिक दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण

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प्रतापगढ़ किला

प्रतापगढ़ किला :- देवलिया की विरासत और अरावली का प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) राजस्थान के सबसे नए जिलों में से एक प्रतापगढ़ का ऐतिहासिक आधार इसका विशाल किला है। इस किले और शहर की स्थापना 1699 ई. में महाराणा प्रताप सिंह ने की थी। इससे पहले इस रियासत की राजधानी ‘देवलिया‘ हुआ करती थी।

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मनोहर थाना किला ( झालावाड़ )

मनोहर थाना किला :- परवन और कालीखाड़ नदियों का संगम रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के सुदूर दक्षिण में स्थित मनोहर थाना किला ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। यह किला परवन और कालीखाड़ नदियों के पवित्र संगम पर बना हुआ है। प्राचीन काल में इसे ‘मनोहरगढ़‘ के नाम से

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अक्लेरा किला ( झालावाड़ )

अक्लेरा किला :- हाड़ौती का प्राचीन सैन्य स्तंभ ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के अक्लेरा कस्बे में स्थित यह किला मध्यकालीन स्थापत्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह मुख्य रूप से मालवा और राजपूताना के व्यापारिक और सैन्य मार्ग की सुरक्षा के लिए बनाया गया था। इस किले पर विभिन्न समय में स्थानीय

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कुंभलगढ़ किला ( राजसमंद )

कुंभलगढ़ किला :- मेवाड़ की अजेय दीवार राजस्थान के राजसमंद जिले में अरावली की पहाड़ियों पर स्थित कुंभलगढ़ किला मेवाड़ के सबसे महत्वपूर्ण किलों में से एक है। इसे ‘मेवाड़ की आंख‘ भी कहा जाता है और यह अपनी अभेद्य सुरक्षा के लिए जाना जाता है। ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) इस किले का निर्माण 15वीं

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विजय स्तंभ ( चित्तौड़गढ़ दुर्ग )

विजय स्तंभ :- मेवाड़ की जीत और वास्तुकला का शिखर चित्तौड़गढ़ दुर्ग के भीतर स्थित ‘विजय स्तंभ‘ (Victory Tower) को भारतीय मूर्तिकला का ‘विश्वकोश‘ कहा जाता है। यह नौ मंजिला स्तंभ मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य कला की श्रेष्ठता का जीवंत प्रमाण है। ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) विजय स्तंभ का निर्माण मेवाड़ के प्रतापी

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लोहागढ़ किला ( भरतपुर )

लोहागढ़ किला :- मिट्टी की वह दीवार जिसे अंग्रेज भी न भेद सके ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) भरतपुर में स्थित लोहागढ़ किले का निर्माण 18वीं शताब्दी (1733 ई.) में महान जाट शासक महाराजा सूरजमल ने करवाया था। इस किले का नाम ‘लोहागढ़‘ इसलिए पड़ा क्योंकि इसे जीतना लोहे के चने चबाने जैसा था। इतिहास गवाह

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