HISTORY ( इतिहास )

डग किला ( झालावाड़ )

डग किला :- डग की विरासत और ऐतिहासिक वैभव ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के डग कस्बे में स्थित यह किला राजस्थान के सबसे पुराने किलों में से एक माना जाता है। इसका इतिहास काफी प्राचीन है और यह डोडिया राजपूतों, मालवा के सुल्तानों और बाद में कोटा के हाड़ा शासकों के अधीन रहा। […]

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किशनगढ़ किला  ( अलवर )

किशनगढ़ किला :- खैरथल की विरासत और राजपूती आन ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अलवर के उत्तरी भाग (वर्तमान खैरथल-तिजारा जिला) में स्थित किशनगढ़ किले का निर्माण 18वीं शताब्दी में अलवर के महाराजा महाराव राजा किशन सिंह ने करवाया था। यह किला मुख्य रूप से दिल्ली और हरियाणा की ओर से होने वाले आक्रमणों को रोकने

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कपासी किला ( बारां )

कपासी किला :- प्राचीन स्थापत्य और सैन्य दृढ़ता का प्रतीक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले के छबड़ा और गुगोर क्षेत्र के समीप स्थित कपासी किला मध्यकालीन राजस्थान की रक्षा पंक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसका निर्माण मुख्य रूप से स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा मालवा से होने वाले आक्रमणों को रोकने और क्षेत्र

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सुनेल किला ( झालावाड़ )

सुनेल किला :- मालवा और राजस्थान की सीमाओं का सजग रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले की सुनेल तहसील में स्थित यह किला ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। सुनेल का क्षेत्र प्राचीन काल में ‘मालवा‘ का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन भाषाई और सांस्कृतिक रूप से यह हमेशा राजस्थान के करीब रहा।

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पिडावा किला ( झालावाड़ )

पिडावा किला :- मालवा और हाड़ौती की सीमाओं का सजग प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील में स्थित यह किला ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इसका निर्माण मध्यकाल के दौरान स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा किया गया था। पिडावा का क्षेत्र सामरिक दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि यह मालवा

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अकलेरा किला ( झालावाड़ )

अकलेरा किला :- मालवा की सरहदों का मजबूत प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले की अकलेरा तहसील में स्थित यह किला ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इसका निर्माण मध्यकाल के दौरान स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा किया गया था, जिसे बाद में कोटा रियासत के हाड़ा चौहानों ने और अधिक सुदृढ़

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शेरगढ़ किला ( बारां )

शेरगढ़ किला :- परवन नदी के तट पर बसा जल और गिरि दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले के अटरू तहसील में स्थित शेरगढ़ किला राजस्थान के प्राचीनतम और सबसे महत्वपूर्ण किलों में से एक है। इस किले का प्राचीन नाम ‘कोशवर्धन’ था, जिसका उल्लेख प्राचीन शिलालेखों में मिलता है। माना जाता है कि

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भवानी मंडी किला ( झालावाड़ )

भवानी मंडी किला :- डग की पहाड़ियों का रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के भवानी मंडी क्षेत्र और डग कस्बे के समीप स्थित यह किला ऐतिहासिक रूप से मालवा और राजपूताना की संधि स्थल पर स्थित है। इसका निर्माण मध्यकाल में स्थानीय डोडिया राजपूतों द्वारा करवाया गया था। यह क्षेत्र प्राचीन काल में

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मनोहर थाना किला ( झालावाड़ )

मनोहर थाना किला :- परवन और कालीखाड़ नदियों का संगम प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले की सुदूर दक्षिण-पूर्व सीमा पर स्थित मनोहर थाना किला अपनी अनूठी भौगोलिक स्थिति के लिए प्रसिद्ध है। इसका निर्माण मध्यकाल में स्थानीय राजाओं द्वारा किया गया था, लेकिन बाद में इसे कोटा रियासत के शासकों ने और अधिक

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काकनवाड़ी किला ( अलवर )

काकनवाड़ी किला :- सरिस्का के घने जंगलों में छिपा इतिहास ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित यह किला एक पठार पर बना हुआ है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में आमेर के राजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने करवाया था। इतिहास में यह किला एक विशेष घटना के लिए

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