HISTORY ( इतिहास )

नाहरगढ़ किला ( बारां )

नाहरगढ़ किला :- किशनगंज की पहाड़ियों का अजेय प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की किशनगंज तहसील में स्थित यह किला मध्यकालीन स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना है। इसका निर्माण 16वीं-17वीं शताब्दी के दौरान स्थानीय हाड़ा चौहान शासकों द्वारा करवाया गया था। यह किला मुख्य रूप से दिल्ली और मालवा के बीच सामरिक […]

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अचलगढ़ किला

अचलगढ़ किला :- माउंट आबू की ऊँचाइयों पर स्थित प्राचीन दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अचलगढ़ का किला राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन ‘माउंट आबू‘ से लगभग 11 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों पर स्थित है। इस किले का निर्माण मूल रूप से परमार राजाओं द्वारा करवाया गया था, लेकिन 1452 ईस्वी में मेवाड़ के

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गैंणता किला ( कोटा )

गैंणता किला :- चंबल की लहरों के समीप बसा शौर्य का प्रतीक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कोटा जिले की पीपल्दा तहसील में चंबल नदी के किनारे स्थित गैंणता किला राजस्थान के उन महत्वपूर्ण किलों में से है जो अपनी सामरिक स्थिति के लिए जाने जाते हैं। इस किले का इतिहास हाड़ा चौहानों की वीरता से

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रेलवां किला ( बारां )

रेलवां किला :- घने जंगलों और इतिहास का अनूठा संगम ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की छबड़ा तहसील के समीप स्थित रेलवां किला राजस्थान के उन चुनिंदा दुर्गों में से है जो आज भी अपनी प्राकृतिक अवस्था में मौजूद हैं। इसका निर्माण मध्यकाल में स्थानीय खींची चौहान शासकों द्वारा किया गया था। सामरिक दृष्टि

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नंता किला ( कोटा )

नंता किला :- झाला जालिम सिंह का ऐतिहासिक निवास और सामरिक केंद्र ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कोटा शहर के बाहरी हिस्से में स्थित नंता किला हाड़ौती के इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। यह मुख्य रूप से कोटा रियासत के सुप्रसिद्ध और शक्तिशाली दीवान झाला जालिम सिंह का मुख्य निवास और मुख्यालय था। 18वीं

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भानगढ़ किला ( अलवर )

भानगढ़ किला :- खंडहरों में बसा इतिहास और रहस्य ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अलवर जिले की राजगढ़ तहसील में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित इस किले का निर्माण 1573 ई. में आमेर के राजा भगवंत दास ने अपने छोटे बेटे माधो सिंह के लिए करवाया था। माधो सिंह राजा मानसिंह के भाई थे। इतिहास

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अंता किला ( बारां )

अंता किला :- काली सिंध के तट पर बसा ऐतिहासिक प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की अंता तहसील में स्थित यह किला राजस्थान के उन महत्वपूर्ण किलों में से एक है जो मालवा और राजपूताना के व्यापारिक मार्ग की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे। इसका निर्माण मध्यकाल में स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा

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कवाई किला ( बारां )

कवाई किला :- परवन की वादियों में बसा ऐतिहासिक प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की अटरू तहसील के पास स्थित कवाई किला मध्यकालीन राजस्थान की सुरक्षा पंक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसका निर्माण मुख्य रूप से स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा मालवा और राजपूताना के व्यापारिक मार्ग की सुरक्षा के लिए करवाया

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कनवास किला ( कोटा )

कनवास किला :- उजयार और चंबल की धाराओं का रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कोटा जिले की कनवास तहसील में स्थित यह किला हाड़ौती क्षेत्र के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक रहा है। इसका इतिहास मुख्य रूप से हाड़ा चौहान शासकों के शौर्य से जुड़ा है। कनवास का किला सामरिक दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण

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प्रतापगढ़ किला

प्रतापगढ़ किला :- देवलिया की विरासत और अरावली का प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) राजस्थान के सबसे नए जिलों में से एक प्रतापगढ़ का ऐतिहासिक आधार इसका विशाल किला है। इस किले और शहर की स्थापना 1699 ई. में महाराणा प्रताप सिंह ने की थी। इससे पहले इस रियासत की राजधानी ‘देवलिया‘ हुआ करती थी।

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