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अक्लेरा किला ( झालावाड़ )

अक्लेरा किला :- हाड़ौती का प्राचीन सैन्य स्तंभ ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के अक्लेरा कस्बे में स्थित यह किला मध्यकालीन स्थापत्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह मुख्य रूप से मालवा और राजपूताना के व्यापारिक और सैन्य मार्ग की सुरक्षा के लिए बनाया गया था। इस किले पर विभिन्न समय में स्थानीय […]

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लोहागढ़ किला ( भरतपुर )

लोहागढ़ किला :- मिट्टी की वह दीवार जिसे अंग्रेज भी न भेद सके ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) भरतपुर में स्थित लोहागढ़ किले का निर्माण 18वीं शताब्दी (1733 ई.) में महान जाट शासक महाराजा सूरजमल ने करवाया था। इस किले का नाम ‘लोहागढ़‘ इसलिए पड़ा क्योंकि इसे जीतना लोहे के चने चबाने जैसा था। इतिहास गवाह

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नाहरगढ़ किला

नाहरगढ़ किला :- गुलाबी शहर का मुकुट और अरावली की शान ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1734 में इस किले का निर्माण करवाया था। इसे मुख्य रूप से जयपुर शहर की सुरक्षा के लिए एक अभेद्य दीवार के रूप में बनाया गया था। लोककथाओं के अनुसार, इस

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बदनौर किला ( भीलवाड़ा )

बदनौर किला :- मेवाड़ की रक्षा का सात मंजिला प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) भीलवाड़ा जिले के बदनौर कस्बे में एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह किला मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा के शासनकाल के दौरान मेवाड़ की सीमाओं की रक्षा के लिए किया गया

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गागरोन किला ( झालावाड़ )

गागरोन किला :- जल की गोद में बसा अभेद्य दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले में स्थित गागरोन किला यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यह भारत के चुनिंदा ‘जल-दुर्गों‘ में से एक है, क्योंकि यह तीन ओर से आहू और कालीसिंध नदियों के संगम से घिरा हुआ है। इस किले

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जालौर किला

जालौर किला :- सुवर्णगिरी की अभेद्य ढाल ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जालौर का किला अरावली की ‘सोनगिरी‘ पहाड़ी पर स्थित है। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी में प्रतिहार राजाओं द्वारा करवाया गया था, जिसके बाद यह परमारों और फिर चौहानों के नियंत्रण में आया। इस किले का सबसे गौरवशाली इतिहास राजा कान्हड़देव चौहान से जुड़ा है,

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सिवाणा किला ( बाड़मेर )

सिवाणा किला :- मारवाड़ के राजाओं की संकटकालीन राजधानी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बाड़मेर जिले की सिवाणा तहसील में स्थित इस किले का निर्माण 10वीं शताब्दी (954 ई.) में परमार वंश के राजा वीर नारायण ने करवाया था। इतिहास में इस किले का अत्यधिक महत्व रहा है क्योंकि जब भी जोधपुर (मारवाड़) के राजाओं पर

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शेरगढ़ किला ( बारां )

शेरगढ़ किला :- परवन नदी के तट पर बसा जल और गिरि दुर्ग का संगम ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले में परवन नदी के किनारे स्थित शेरगढ़ किला राजस्थान के प्राचीनतम किलों में से एक है। मूल रूप से इसे ‘कोशवर्धन‘ दुर्ग कहा जाता था। 16वीं शताब्दी में जब अफगान शासक शेरशाह सूरी ने

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इन्द्रगढ़ किला ( बूंदी )

इन्द्रगढ़ किला :- अरावली की गोद में बसा स्थापत्य का रत्न ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बूंदी जिले में स्थित इन्द्रगढ़ किले का निर्माण 17वीं शताब्दी (1605 ई.) में राव राजा इन्द्रसाल सिंह (बूंदी के हाड़ा शासक) ने करवाया था। यह किला सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था क्योंकि यह रणथंभौर और बूंदी के बीच के

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शाहबाद किला ( बारां )

शाहबाद किला :- अरावली की कंदराओं में छिपा अभेद्य सैन्य दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले के शाहबाद कस्बे में स्थित इस किले का निर्माण 1521 ई. में मुकुटमणि देव (चौहान वंश) ने करवाया था। यह किला भामती पहाड़ी की ऊँची चोटी पर स्थित है और चारों ओर से घने जंगलों व गहरी खाइयों

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