March 2026

विजयादशमी

विस्तृत जानकारी (Detailed History) आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी या दशहरा का त्यौहार पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसका इतिहास दो प्रमुख पौराणिक घटनाओं से जुड़ा है। पहली घटना भगवान श्री राम से संबंधित है, जिन्होंने इसी दिन अहंकारी राक्षस राज रावण का वध कर माता […]

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माँ सिद्धिदात्री

विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट है, ‘सिद्धि‘ का अर्थ है अलौकिक शक्ति और ‘दात्री‘ का अर्थ है देने वाली। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने इन्हीं देवी की कठिन तपस्या करके आठों सिद्धियाँ प्राप्त की

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माँ महागौरी

विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है, जिसे ‘अष्टमी‘ भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। हजारों वर्षों की तपस्या के कारण उनका शरीर काला पड़ गया था। जब भगवान

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माँ कालरात्रि

विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। माँ दुर्गा का यह सातवां स्वरूप अत्यंत भयानक और विकराल दिखाई देता है, लेकिन इनका हृदय भक्तवत्सल है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज जैसे राक्षसों ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था, तब देवताओं की रक्षा

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माँ कात्यायनी

​विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने भगवती जगदम्बा की कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी कि माँ दुर्गा उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। माँ ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और उनके घर जन्म लिया, जिसके

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माँ स्कन्दमाता

विस्तृत जानकारी :- माँ दुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जाना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र ‘कार्तिकेय‘ का एक नाम ‘स्कन्द‘ भी है। स्कन्द (कार्तिकेय) की माता होने के कारण ही इन्हें ‘स्कन्दमाता‘ कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब तारकासुर नामक राक्षस का अत्याचार बहुत बढ़

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माँ कुष्मांडा

विस्तृत जानकारी (Detailed History) माँ कुष्मांडा नवदुर्गा का चौथा स्वरूप हैं और इनकी महिमा अनंत है। ‘कु’ का अर्थ है छोटा, ‘ष्म’ का अर्थ है ऊर्जा और ‘अंडा’ का अर्थ है ब्रह्मांड। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर केवल घना अंधकार छाया हुआ था, तब देवी ने अपनी

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माँ चंद्रघंटा

नवरात्रि का तीसरा दिन :- माँ चंद्रघंटा की महिमा ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माँ का यह स्वरूप शांति और कल्याणकारी है। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, जिसके कारण इन्हें ‘चंद्रघंटा‘ कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब असुरों का

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माँ ब्रह्मचारिणी

माँ ब्रह्मचारिणी :- नवदुर्गा का द्वितीय स्वरूप – तप, ज्ञान और अनंत शक्ति की देवी नवरात्रि के पावन उत्सव के दूसरे दिन हम माँ के उस स्वरूप की वंदना करते हैं जिन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हज़ारों वर्षों तक कठिन तपस्या की। ‘ब्रह्म‘ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी‘ का

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नवरात्रि क्यों मनाई जाती है

नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? जानिए इस महापर्व के पीछे की पौराणिक कथाएँ और आध्यात्मिक महत्व :- भारत त्योहारों का देश है और यहाँ हर उत्सव के पीछे कोई न कोई गहरा अर्थ और प्रेरणादायक कहानी छिपी होती है। इन्हीं में से एक सबसे प्रमुख और ऊर्जा से भरपूर महापर्व है—नवरात्रि। ‘नव‘ का अर्थ है

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