अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली

भारत का सर्वोच्च चिकित्सा मंदिर और जीवनदायिनी धरोहर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली :- भारत का सर्वोच्च चिकित्सा मंदिर और जीवनदायिनी धरोहर

​विस्तृत जानकारी (Detailed History)

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जिसे पूरी दुनिया एम्स (AIIMS), दिल्ली के नाम से जानती है, केवल एक अस्पताल नहीं बल्कि भारत के चिकित्सा क्षेत्र का सबसे चमकता हुआ सितारा है। इसकी स्थापना का इतिहास स्वतंत्र भारत के नवनिर्माण और दूरदर्शी सोच से जुड़ा हुआ है। देश को एक ऐसे संस्थान की सख्त जरूरत थी जो न केवल मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज दे सके, बल्कि देश में ही उच्च स्तर के डॉक्टर और रिसर्चर्स तैयार कर सके।

इसी महान उद्देश्य के साथ साल 1956 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से एम्स दिल्ली की स्थापना एक स्वायत्त (Autonomous) संस्थान के रूप में की गई। इस संस्थान की परिकल्पना और स्थापना में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और देश की पहली महिला स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान था। राजकुमारी अमृत कौर ने इसके निर्माण के लिए न केवल अथक प्रयास किए, बल्कि विदेशों से मिलने वाली आर्थिक मदद (जैसे न्यूजीलैंड सरकार और रॉकफेलर फाउंडेशन से प्राप्त सहायता) को जुटाने में मुख्य भूमिका निभाई। सफदरजंग के पास की विशाल भूमि पर फैले इस परिसर ने समय के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज यह संस्थान भारत के कोने-कोने से आने वाले लाखों गरीब और अमीर मरीजों के लिए उम्मीद की आखिरी किरण और ‘चिकित्सा का मक्का‘ माना जाता है।

​बनावट का विवरण (Detailed Architecture)

बाहरी बनावट (Exterior Architecture) :-

एम्स दिल्ली का विशाल परिसर लगभग 115 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी बाहरी बनावट आधुनिक-औपनिवेशिक (Modernist) वास्तुकला शैली की एक अद्भुत मिसाल है। इसका मुख्य प्रशासनिक और ओपीडी ब्लॉक हल्के मटमैले और कंक्रीट के सैंडस्टोन फिनिश से बना है, जिसमें सादगी और मजबूती का बेहतरीन संतुलन दिखता है। इमारत के बाहरी हिस्से में कंक्रीट की बड़ी-बड़ी जालियां (Louvers) और वेंटिलेटर लगाए गए हैं, जो धूप को सीधे अंदर आने से रोकते हैं और परिसर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखते हैं। एम्स की मुख्य इमारत का सामने का हिस्सा (Front Facade) अपनी विशाल अर्धवृत्ताकार खिड़कियों और ऊंचे ब्लॉक के साथ बेहद भव्य नजर आता है। समय के साथ यहाँ कई नए विंग्स जैसे कार्डियो-थोरैसिक सेंटर (CTC), न्यूरोसाइंसेज सेंटर, और भव्य ओपीडी ब्लॉक जोड़े गए हैं, जिनकी बाहरी बनावट पूरी तरह आधुनिक और कांच के शीशों (Glass Facade) से सुसज्जित है।

आंतरिक बनावट (Interior Architecture) :-

एम्स के भीतर का स्थापत्य बेहद विशाल, विस्तृत और विभिन्न विभागों में बंटा हुआ है। मुख्य विंग के अंदर कदम रखते ही एक बहुत बड़ा सेंट्रल लॉबी क्षेत्र है, जहाँ से अलग-अलग वार्डों की ओर जाने वाले लंबे और चौड़े गलियारे (Corridors) निकलते हैं। यहाँ के फर्श पर मजबूत मोज़ेक और ग्रेनाइट टाइलें लगी हुई हैं, जो भारी भीड़ के दबाव को झेलने में सक्षम हैं। इसके प्रसिद्ध ‘राजन बाबू ब्लॉक‘ और मुख्य रीडिंग रूम की आंतरिक बनावट में सादगी और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। आंतरिक परिसर में अत्याधुनिक आईसीयू, उन्नत ऑपरेशन थिएटर (OT), और डिजिटल लैब स्थापित हैं। लाखों लोगों की दैनिक भीड़ को संभालने के लिए इसमें विशाल वेटिंग हॉल, ऊंचे सीलिंग (छत) और सुचारू रूप से काम करने वाले वेंटिलेशन सिस्टम बनाए गए हैं। परिसर के भीतर डॉक्टरों, छात्रों और मरीजों की सुविधा के लिए अंडरग्राउंड पाथवे और रैंप भी बेहद वैज्ञानिक ढंग से डिजाइन किए गए हैं।

​यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes)

यदि आप एम्स दिल्ली में इलाज, शोध या भ्रमण के उद्देश्य से आ रहे हैं, तो नीचे दी गई व्यावहारिक गाइड को ध्यान से पढ़ें।

  • टिकट और पर्चा शुल्क (Entry & OPD Fee) :– एम्स में प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क (Free) है। सामान्य ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए बनने वाले कार्ड (पर्चे) का शुल्क मात्र ₹10 होता है, जबकि कई आपातकालीन और सामान्य सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं।
  • समय (OPD & Visiting Time) :
    • ओपीडी रजिस्ट्रेशन का समय :– आमतौर पर सुबह 08:00 बजे से सुबह 11:30 बजे तक (विशिष्ट विभागों के लिए समय अलग हो सकता है)।
    • इमरजेंसी सेवा :– यह 24 घंटे और 7 दिन खुली रहती है।
  • खुलने और बंद होने का दिन :– मुख्य ओपीडी सेवाएं सोमवार से शनिवार (शनिवार को हाफ-डे) तक चलती हैं। रविवार और राष्ट्रीय अवकाशों पर नियमित ओपीडी बंद रहती है, लेकिन आपातकालीन (Emergency) विभाग हमेशा चालू रहता है।
  • पहुँचने का मार्ग (How to Reach) :
    • मेट्रो द्वारा :– एम्स पहुँचने का सबसे उत्तम और सुगम मार्ग दिल्ली मेट्रो है। यहाँ का सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन ‘एम्स’ (AIIMS) मेट्रो स्टेशन है, जो येलो लाइन पर स्थित है। मेट्रो स्टेशन के गेट से बाहर निकलते ही आप सीधे एम्स परिसर के प्रवेश द्वार पर पहुँच जाएंगे।
    • बस द्वारा :– एम्स दिल्ली का एक प्रमुख बस स्टॉप है। रिंग रोड और अरबिंदो मार्ग के चौराहे पर स्थित होने के कारण दिल्ली के किसी भी कोने (जैसे आनंद विहार, धौला कुआं, उत्तम नगर, कश्मीरी गेट) से एम्स जाने वाली बसें आसानी से मिल जाती हैं।
    • टैक्सी/ऑटो द्वारा :– आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन या इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीधे प्रीपेड कैब, ऑटो या ई-रिक्शा लेकर एम्स पहुँच सकते हैं। परिसर के भीतर मरीजों के लिए मुफ्त शटल और ई-रिक्शा सेवा भी उपलब्ध रहती है।

​फोटोग्राफी स्पॉट्स, स्थानीय स्वाद और प्रसिद्ध बाज़ार

फोटोग्राफी स्पॉट्स (Photography Spots) :-

  • मुख्य एम्स प्रतीक चिह्न (The Iconic AIIMS Logo) :– परिसर के मुख्य द्वार पर लगे एम्स के बड़े और सुनहरे प्रतीक चिह्न (Emblem) के साथ तस्वीर लेना यहाँ आने वाले डॉक्टरों, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए सबसे गर्व का क्षण होता है।
  • केंद्रीय उद्यान और फव्वारा (Central Lawns) :– मुख्य प्रशासनिक ब्लॉक के सामने स्थित हरे-भरे मैदान और फव्वारे के बैकड्रॉप के साथ इमारत का एक शानदार आर्किटेक्चरल शॉट लिया जा करती है।
  • न्यू ओपीडी ब्लॉक का मॉडर्न ग्लास स्ट्रक्चर :– नए बने विशाल ओपीडी ब्लॉक की आधुनिक कांच वाली इमारत भी बेहतरीन फोटोग्राफी बैकड्रॉप प्रदान करती है।
  • नोट: अस्पताल के संवेदनशील इनडोर वार्डों और मरीजों की फोटोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित है।

​स्थानीय स्वाद (Local Food)

एम्स परिसर के भीतर और बाहर खान-पान के कई साफ-सुथरे और किफायती विकल्प हैं।

  • एम्स कैंटीन और आईआरसीए (IRCA) कैंटीन :– परिसर के भीतर स्थित ये कैंटीन डॉक्टरों और तीमारदारों को बेहद कम कीमत पर शुद्ध शाकाहारी थाली, उपमा, डोसा, समोसे और चाय-कॉफी प्रदान करती हैं।
  • सफदरजंग एन्क्लेव के फूड जॉइंट्स :– एम्स के ठीक सामने स्थित सफदरजंग मार्केट में बेहतरीन रोल, पराठे, कचौड़ी और उत्तर-भारतीय भोजन मिलता है।
  • साउथ एक्सटेंशन के रेस्टोरेंट्स :– एम्स से मात्र 1-2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित साउथ एक्स में कई शानदार कैफे और प्रामाणिक दक्षिण भारतीय व मुगलई रेस्टोरेंट्स मौजूद हैं।

प्रसिद्ध बाज़ार (Famous Markets Nearby) :-

  • आईएनए मार्केट (INA Market) :– एम्स से मात्र एक मेट्रो स्टेशन दूर स्थित यह बाज़ार ताजे फलों, सब्जियों, विदेशी मसालों और सी-फूड के लिए प्रसिद्ध है। इसके ठीक सामने ‘दिल्ली हाट’ (Dilli Haat) है, जो हस्तशिल्प और पारंपरिक कपड़ों का बड़ा केंद्र है।
  • साउथ एक्सटेंशन (South Ex Market) :– दिल्ली के सबसे प्रीमियम और बड़े फैशन और कपड़ों के बाजारों में से एक, जो ब्रांडेड कपड़ों और आभूषणों की खरीदारी के लिए मशहूर है।
  • सरोजिनी नगर बाज़ार :– युवाओं के बीच ट्रेंडी और बेहद किफायती (बजट-फ्रेंडली) कपड़ों और एक्सेसरीज के लिए पूरे भारत में मशहूर यह बाज़ार एम्स से बेहद नजदीक है।

Interesting Facts (रोचक तथ्य) :-

  • बिना किसी डोनेशन के सर्वोच्च रैंकिंग :– एम्स दिल्ली लगातार कई दशकों से ‘नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क’ (NIRF) में भारत के नंबर-1 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में शीर्ष पर काबिज है।
  • अद्भुत कबाड़ से कला (Scrap Art inside Campus) :– एम्स परिसर के भीतर भी चिकित्सा उपकरणों के कबाड़ और क्रेन के हिस्सों से बनाई गई बेहद खूबसूरत कलाकृतियां स्थापित की गई हैं, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हैं।
  • सस्ते इलाज का विश्व रिकॉर्ड :– यहाँ दुनिया के सबसे जटिल ऑपरेशन (जैसे ओपन हार्ट सर्जरी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और न्यूरोसर्जरी) निजी अस्पतालों के मुकाबले मात्र 5 से 10 प्रतिशत खर्च पर किए जाते हैं।
  • दुनिया का सबसे व्यस्त अस्पताल :– एम्स दिल्ली की ओपीडी और इमरजेंसी में हर दिन लगभग 10,000 से अधिक नए मरीज इलाज के लिए आते हैं, जो इसे दुनिया के सबसे व्यस्त चिकित्सा केंद्रों में से एक बनाता है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-

प्रश्न 1: एम्स (AIIMS) दिल्ली की स्थापना कब और किसके द्वारा की गई थी?

उत्तर:- एम्स दिल्ली की स्थापना साल 1956 में संसद के एक अधिनियम के तहत की गई थी। इसके निर्माण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर का मुख्य योगदान था।

प्रश्न 2:- एम्स दिल्ली में सामान्य ओपीडी की पर्ची (Card) की फीस कितनी है?

उत्तर:- एम्स में डॉक्टर को दिखाने के लिए सामान्य ओपीडी कार्ड की फीस मात्र ₹10 होती है।

प्रश्न 3: एम्स दिल्ली जाने के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन कौन सा है?

उत्तर:- दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर स्थित ‘एम्स’ (AIIMS) मेट्रो स्टेशन ही सबसे नजदीकी स्टेशन है, जो अस्पताल के गेट के ठीक बाहर खुलता है।

प्रश्न 4: क्या एम्स अस्पताल में रविवार को ओपीडी खुली रहती है?

उत्तर:- नहीं, रविवार और राष्ट्रीय अवकाश के दिन सामान्य ओपीडी बंद रहती है, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए ‘इमरजेंसी और कैजुअल्टी’ विभाग 24 घंटे खुला रहता है।

प्रश्न 5: क्या एम्स में इलाज कराने के लिए किसी प्रवेश टिकट की आवश्यकता होती है?

उत्तर:- नहीं, परिसर में प्रवेश करने या घूमने के लिए कोई टिकट नहीं लगता। चिकित्सा सेवाओं के लिए केवल तयशुदा और बेहद मामूली सरकारी पर्चा शुल्क देना होता है।

“सस्ती और विश्वस्तरीय चिकित्सा के अटूट विश्वास का नाम है एम्स दिल्ली, जिसकी चौखट पर आकर हर बेबस मरीज को एक नया जीवन और जीने की नई उम्मीद मिलती है।”

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