
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML), दिल्ली :- केंद्र सरकार का शीर्ष चिकित्सा संस्थान और ऐतिहासिक सेवा का केंद्र
विस्तृत जानकारी (Detailed History)
दिल्ली के दिल यानी कनॉट प्लेस के नजदीक बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (Dr. Ram Manohar Lohia Hospital), जिसे आमतौर पर लोग आरएमएल (RML) अस्पताल या इसके पुराने नाम ‘विलिंगडन अस्पताल’ (Willingdon Hospital) के नाम से जानते हैं, भारत का एक बेहद प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक सरकारी अस्पताल है। इस अस्पताल की स्थापना का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा हुआ है।
ब्रिटिश सरकार द्वारा साल 1932 में इस अस्पताल की शुरुआत की गई थी। इसका नाम तत्कालीन वायसराय लॉर्ड विलिंगडन के नाम पर ‘विलिंगडन अस्पताल‘ रखा गया था। शुरुआत में यह अस्पताल बेहद छोटे स्तर पर शुरू किया गया था, जिसमें केवल 54 बेड थे और इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश अधिकारियों, उनके परिवारों और लुटियंस दिल्ली के सरकारी कर्मचारियों को चिकित्सा सेवा देना था।
आजादी के बाद, भारत सरकार ने इस अस्पताल का नियंत्रण अपने हाथ में लिया और इसका तेजी से विस्तार किया। साल 1975-76 के दौरान, महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया के सम्मान में इस अस्पताल का नाम बदलकर ‘डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल‘ कर दिया गया। साल 2019 में केंद्र सरकार ने यहाँ देश के बेहतरीन डॉक्टरों को तैयार करने के लिए ‘अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान’ (ABVIMS) नामक मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना की। आज यह अस्पताल राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और केंद्रीय सचिवालय के नजदीक होने के कारण न केवल वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा और चिकित्सा का केंद्र है, बल्कि देश भर से आने वाले लाखों आम नागरिकों के लिए भी मुफ्त और विश्वस्तरीय इलाज का सबसे बड़ा जरिया है।
बनावट का विवरण (Detailed Architecture)
बाहरी बनावट (Exterior Architecture) :-
लगभग 30 एकड़ से अधिक के क्षेत्र में फैले डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की बाहरी बनावट में लुटियंस दिल्ली की औपनिवेशिक विरासत और आधुनिक बहुमंजिला स्थापत्य कला का एक बेहतरीन मिश्रण दिखाई देता है। इसकी पुरानी ऐतिहासिक इमारतें लाल और मटमैले सैंडस्टोन (बलुआ पत्थर) से बनी हैं, जिनमें ऊंचे मेहराबदार दरवाजे और ब्रिटिशकालीन खिड़कियाँ देखी जा सकती हैं। हालांकि, समय के साथ अस्पताल का कायाकल्प किया गया है। वर्तमान में यहाँ बनी नई बहुमंजिला इमारतें जैसे ‘ट्रॉमा सेंटर’ और ‘सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक’ पूरी तरह से आधुनिक वास्तुकला पर आधारित हैं। इन नई इमारतों के बाहरी हिस्से में बड़े-बड़े ग्लास पैनल्स (कांच की दीवारें) और कंक्रीट के मजबूत पिलर्स लगाए गए हैं, जो इसे एक बेहद आधुनिक और भव्य रूप प्रदान करते हैं।
आंतरिक बनावट (Interior Architecture) :-
आंतरिक रूप से आरएमएल अस्पताल को बेहद सुव्यवस्थित और विभिन्न विशिष्ट ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर जाते ही एक विशाल ओपीडी (OPD) लॉबी है, जहाँ मरीजों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कतारबद्ध काउंटर्स बनाए गए हैं। इसके गलियारे (Corridors) बेहद चौड़े, साफ-सुथरे और हवादार हैं, जिनके फर्श पर उच्च गुणवत्ता वाले संगमरमर और ग्रेनाइट पत्थरों का उपयोग किया गया है। अस्पताल के भीतर अत्याधुनिक आईसीयू (ICU) बेड्स, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और उन्नत डायग्नोस्टिक मशीनें (जैसे एमआरआई और सीटी स्कैन) सुसज्जित हैं। तीमारदारों और मरीजों के बैठने के लिए हर फ्लोर पर विशाल वेटिंग लाउंज बनाए गए हैं। आपातकालीन वार्ड (Emergency) और ट्रॉमा सेंटर की आंतरिक बनावट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि एम्बुलेंस से आने वाले गंभीर मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत लाइफ-सपोर्ट सिस्टम पर शिफ्ट किया जा सके।
यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes)
आरएमएल अस्पताल में इलाज, परामर्श या भ्रमण के उद्देश्य से आने वाले लोगों के लिए नीचे दी गई व्यावहारिक गाइड अत्यंत उपयोगी है।
- टिकट और पर्चा शुल्क (Entry & OPD Fee) :– अस्पताल परिसर में सामान्य प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क (Free) है। यहाँ ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए बनने वाला सरकारी रजिस्ट्रेशन पर्चा (Card) पूरी तरह निशुल्क होता है, और अधिकांश गंभीर बीमारियां, दवाइयां व टेस्ट भी सरकारी नियमों के तहत मुफ्त या बेहद मामूली दरों पर किए जाते हैं।
- समय (OPD & Visiting Time) :–
- सामान्य ओपीडी रजिस्ट्रेशन का समय :– सुबह 08:30 बजे से सुबह 11:30 बजे तक।
- आपातकालीन (Emergency) सेवा :– यह सेवा साल के 365 दिन और 24 घंटे बिना किसी रुकावट के चालू रहती है।
- खुलने और बंद होने का दिन :– मुख्य ओपीडी विभाग सोमवार से शनिवार तक कार्यरत रहते हैं। रविवार और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय अवकाशों पर नियमित ओपीडी बंद रहती है, लेकिन इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाएं हमेशा खुली रहती हैं।
- पहुँचने का मार्ग (How to Reach) :–
- मेट्रो द्वारा :– आरएमएल अस्पताल पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन ‘शिवाजी स्टेडियम’ (एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन) है, जो पैदल दूरी पर है। इसके अलावा ‘कनॉट प्लेस’ (राजीव चौक) मेट्रो स्टेशन (ब्लू और येलो लाइन) और ‘रामकृष्ण आश्रम मार्ग’ मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) भी इसके बेहद नजदीक (लगभग 1.5 से 2 किमी) हैं, जहाँ से आप आसानी से ऑटो ले सकते हैं।
- बस द्वारा :– गोल डाकखाना और आरएमएल अस्पताल दिल्ली के प्रमुख बस स्टॉप हैं। दिल्ली के किसी भी हिस्से (जैसे कश्मीरी गेट, आनंद विहार, उत्तम नगर) से केंद्रीय सचिवालय या कनॉट प्लेस जाने वाली बसें आपको सीधे अस्पताल के बाहर उतार देंगी।
- ऑटो/टैक्सी द्वारा :– यह अस्पताल लुटियंस दिल्ली के केंद्र में स्थित है, इसलिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (लगभग 3 किमी) या पुरानी दिल्ली स्टेशन से आप सीधे ऑटो, ई-रिक्शा या प्रीपेड कैब द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं।
फोटोग्राफी स्पॉट्स, स्थानीय स्वाद और प्रसिद्ध बाज़ार
फोटोग्राफी स्पॉट्स (Photography Spots) :-
- मुख्य द्वार और डॉ. लोहिया की प्रतिमा :– अस्पताल के मुख्य परिसर के पास महान समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया की स्थापित प्रतिमा और अस्पताल का मुख्य बोर्ड एक महत्वपूर्ण लैंडमार्क फोटोग्राफी स्पॉट है।
- अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (ABVIMS) :– मेडिकल कॉलेज की नई और भव्य बहुमंजिला इमारत का आधुनिक आर्किटेक्चरल शॉट छात्रों और आगंतुकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
- समीपवर्ती गोल डाकखाना (GPO) :– अस्पताल के ठीक बगल में स्थित ब्रिटिशकालीन ‘गोल डाकखाना’ की खूबसूरत गोल इमारत स्थापत्य कला के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन विंटेज फोटोग्राफी स्पॉट है। (नोट: अस्पताल के इनडोर वार्डों, आईसीयू और मरीजों की तस्वीरें या वीडियो लेना कानूनी रूप से सख्त मना है।)
स्थानीय स्वाद (Local Food)
कनॉट प्लेस के नजदीक होने के कारण यहाँ खाने-पीने के विश्वस्तरीय और किफायती दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।
- अस्पताल की जन-आहार कैंटीन :– परिसर के भीतर स्थित इस सरकारी कैंटीन में तीमारदारों के लिए बहुत ही कम दामों पर साफ-सुथरा और पौष्टिक शाकाहारी भोजन, नाश्ता और चाय उपलब्ध रहती है।
- बाबा खड़क सिंह मार्ग के स्टॉल्स :– अस्पताल के बाहर मिलने वाले मशहूर राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, छोले-भटूरे और ताजे फलों का जूस स्थानीय कर्मचारियों और मरीजों के रिश्तेदारों के बीच बेहद प्रसिद्ध है।
- कनॉट प्लेस के रेस्टोरेंट्स :– यदि आप कुछ प्रीमियम खाना चाहते हैं, तो मात्र 5 मिनट की दूरी पर स्थित सीपी (Connaught Place) में आपको दुनिया भर के कैफे, रेस्टोरेंट्स और मशहूर फास्ट-फूड जॉइंट्स मिल जाएंगे।
प्रसिद्ध बाज़ार (Famous Markets Nearby) :-
- कनॉट प्लेस (Connaught Place) :– दिल्ली का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध शॉपिंग हब, जो ब्रांडेड शोरूम्स, बुटीक और रीटेल आउटलेट्स के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
- स्टेट एम्पोरिया (State Emporiums) :– बाबा खड़क सिंह मार्ग पर अस्पताल के ठीक सामने स्थित विभिन्न राज्यों के सरकारी एम्पोरियम, जहाँ से आप भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक हस्तशिल्प, साड़ियाँ और कलाकृतियाँ खरीद सकते हैं।
- जनपथ बाज़ार (Janpath Market) :– कॉलेज युवाओं और पर्यटकों के बीच ट्रेंडी कपड़ों, तिब्बती हस्तशिल्प, आभूषणों और किफायती शॉपिंग के लिए बेहद मशहूर बाज़ार।
Interesting Facts (रोचक तथ्य)
- 54 बेड से विशाल साम्राज्य तक :– 1932 में मात्र 54 बेड के साथ शुरू हुआ यह ब्रिटिश अस्पताल आज 1500 से भी अधिक बेड की क्षमता वाला देश का एक विशाल चिकित्सा केंद्र बन चुका है।
- वीवीआईपी (VVIP) नोडल अस्पताल :– देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों (जैसे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री) के स्वास्थ्य और आपातकालीन चिकित्सा सुरक्षा की जिम्मेदारी प्राथमिक रूप से आरएमएल अस्पताल के विशेष विंग के पास होती है।
- अत्याधुनिक बर्न केयर और नर्सिंग कॉलेज :– आरएमएल अस्पताल में एक अत्याधुनिक बर्न विभाग के साथ-साथ दिल्ली का एक बेहद प्रतिष्ठित नर्सिंग कॉलेज भी संचालित होता है।
- अटल जी के नाम पर मेडिकल कॉलेज :– साल 2019 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में यहाँ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (PGIMER) को अपग्रेड करके ‘ABVIMS’ मेडिकल कॉलेज की शुरुआत की गई।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:– डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल का पुराना नाम क्या था?
उत्तर:- इस अस्पताल का पुराना नाम ‘विलिंगडन अस्पताल’ (Willingdon Hospital) था, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में साल 1932 में हुई थी।
प्रश्न 2:- आरएमएल अस्पताल दिल्ली में कहाँ स्थित है?
उत्तर:- यह अस्पताल नई दिल्ली के मध्य में, बाबा खड़क सिंह मार्ग पर गोल डाकखाना और कनॉट प्लेस के नजदीक स्थित है।
प्रश्न 3:– इस अस्पताल का नाम बदलकर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल कब किया गया?
उत्तर:- साल 1975-76 में भारत के प्रसिद्ध समाजवादी स्वतंत्रता सेनानी और नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया के सम्मान में इसका नाम बदला गया था।
प्रश्न 4:– आरएमएल अस्पताल जाने के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन कौन सा है?
उत्तर:- सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर स्थित ‘शीवाजी स्टेडियम’ है। इसके अलावा ब्लू और येलो लाइन का ‘राजीव चौक’ (कनॉट प्लेस) स्टेशन भी नजदीक है।
प्रश्न 5:– क्या आरएमएल अस्पताल में रविवार को ओपीडी सेवाएं मिलती हैं?
उत्तर:- नहीं, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों के दिन सामान्य ओपीडी बंद रहती है, परंतु आपातकालीन (Emergency) और ट्रॉमा सेवाएं चौबीसों घंटे चालू रहती हैं।
“ब्रिटिश काल की संकीर्ण दीवारों से निकलकर आज देश के करोड़ों आम नागरिकों की जीवनदायिनी बनने वाला आरएमएल अस्पताल, दिल्ली के दिल में चिकित्सा और नि:स्वार्थ सेवा का एक अटूट स्तंभ है।”
