HISTORY ( इतिहास )

गोलकुंडा किला ( हैदराबाद )

गोलकुंडा किला :- कोहिनूर की धरती और गूँजता इतिहास ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) हैदराबाद का गोलकुंडा किला भारत के सबसे अभेद्य और ऐतिहासिक दुर्गों में से एक है। इसका इतिहास 13वीं शताब्दी से शुरू होता है, जब इसे ‘काकतीय शासकों‘ ने मिट्टी के किले के रूप में बनवाया था। 1512 में कुतुब शाही वंश के […]

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सफदरजंग का मकबरा

सफदरजंग का मकबरा :- मुगल काल की अंतिम भव्यता ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) सफदरजंग का मकबरा 1754 में अवध के नवाब शुजाउद्दौला ने अपने पिता मिर्जा मुकीम अबुल मंसूर खान (जिन्हें सफदरजंग के नाम से जाना जाता था) की याद में बनवाया था। सफदरजंग मुगल सम्राट अहमद शाह के शासनकाल में वजीर-ए-आजम थे। इसे मुगल

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गैटोर की छतरियां ( जयपुर )

गैटोर की छतरियां, जयपुर :- शाही गौरव और पत्थर पर उकेरी गई कविता ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) गैटोर की छतरियां जयपुर के कछवाहा राजपूत राजाओं का शाही श्मशान स्थल है। ‘गैटोर‘ शब्द हिंदी के ‘गये का ठौर‘ से निकला है, जिसका अर्थ है ‘दिवंगत आत्माओं का विश्राम स्थल‘। 1733 में जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई

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कुंभलगढ़ किला

कुंभलगढ़ किला :- अजेय दुर्ग और भारत की महान दीवार ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कुंभलगढ़ किला राजस्थान के राजसमंद जिले में अरावली की पहाड़ियों पर स्थित है। इस भव्य दुर्ग का निर्माण 15वीं शताब्दी (1443-1458) में मेवाड़ के महान शासक महाराणा कुंभा ने प्रसिद्ध वास्तुकार मंडन की देखरेख में करवाया था। यह किला मेवाड़ के

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जैसलमेर किला

जैसलमेर किला :- रेगिस्तान का जीवंत स्वर्ण दुर्ग (Sonár Quila) ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जैसलमेर किला दुनिया के उन दुर्लभ किलों में से एक है जिसे ‘लिविंग फोर्ट‘ (Living Fort) कहा जाता है, क्योंकि आज भी शहर की एक-चौथाई आबादी इसके भीतर निवास करती है। इस किले का निर्माण 1156 ईस्वी में भाटी राजपूत शासक

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लोहागढ़ किला ( भरतपुर )

लोहागढ़ किला :- मिट्टी की दीवार जिसने अंग्रेजों को भी झुका दिया विस्तृत जानकारी (Detailed History) :- भरतपुर में स्थित लोहागढ़ किले का निर्माण 1733 ईस्वी में जाट शासक महाराजा सूरजमल ने करवाया था। इस किले का नाम ‘लोहागढ़‘ इसलिए पड़ा क्योंकि इसे कभी कोई जीत नहीं सका। इस किले की सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि

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आमेर किला ( जयपुर )

आमेर किला :- राजपूती भव्यता और मुगल कला का संगम ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जयपुर से लगभग 11 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ी पर स्थित आमेर किला (जिसे अंबर किला भी कहा जाता है) राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। इस किले का निर्माण 1592 ईस्वी में राजा मानसिंह प्रथम ने

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मेहरानगढ़ किला ( जोधपुर )

मेहरानगढ़ किला :- राव जोधा का अभेद्य और विशाल साम्राज्य ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जोधपुर की शान, मेहरानगढ़ किला, भारत के सबसे बड़े और भव्य किलों में से एक है। इसका निर्माण 1459 ईस्वी में राव जोधा ने करवाया था, जब उन्होंने अपनी राजधानी मंडोर से स्थानांतरित की थी। यह किला 410 फीट ऊँची एक

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हुमायूँ का मकबरा ( दिल्ली )

हुमायूँ का मकबरा :- दिल्ली का गौरव ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) हुमायूँ का मकबरा भारत में मुगल वास्तुकला का पहला भव्य उदाहरण माना जाता है। इसका निर्माण हुमायूँ की मृत्यु के नौ साल बाद, 1565 में उनकी पहली पत्नी, बेगम बेगा (हाजी बेगम) के आदेश पर शुरू हुआ था। इस मकबरे का डिजाइन फारसी वास्तुकार

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जंतर मंतर ( जयपुर )

जंतर मंतर, जयपुर :- पत्थरों में कैद ब्रह्मांड का विज्ञान ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) ​जयपुर का जंतर मंतर केवल पत्थरों का समूह नहीं, बल्कि प्राचीन भारत की खगोलीय उन्नति का जीता-जागता प्रमाण है। ​बनावट का विवरण (Detailed Architecture) ​जंतर मंतर में स्थित यंत्र पत्थर और पीतल से बने हैं, जो आज के समय में भी

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