पटना पक्षी विहार , जलेसर ( एटा )

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी विहार प्रकृति प्रेमियों और शांति की तलाश करने वालों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। जलेसर के पास स्थित यह छोटा सा अभयारण्य अपनी जैव-विविधता और प्रवासी पक्षियों के लिए पूरी दुनिया में एक विशेष पहचान रखता है। 1. परिचय :- भले ही पटना […]

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एटा शहर

उत्तर प्रदेश के हृदय क्षेत्र में बसा एटा (Etah) एक ऐसा जिला है, जो अपनी प्राचीन विरासत, अद्वितीय हस्तशिल्प और महान साहित्यकारों के लिए जाना जाता है। अगर आप इतिहास के शौकीन हैं या भारत की ग्रामीण संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो एटा की यात्रा आपके लिए यादगार साबित होगी। 1. एटा

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अवागढ़ का किला ( एटा )

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में अवागढ़ कस्बे के पास स्थित अवागढ़ का किला केवल ईंटों और पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह जादौन राजपूतों के शौर्य और गौरवशाली इतिहास का जीवित प्रमाण है। करीब 108 एकड़ में फैला यह किला आज भी अपनी भव्यता से पर्यटकों को अचंभित कर देता है। गौरवशाली इतिहास

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एटा रेलवे स्टेशन का इतिहास और संपूर्ण जानकारी :- एक ऐतिहासिक सफर

एटा (उत्तर प्रदेश):– भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक महत्वपूर्ण जिला ‘एटा’, जो अपनी ऐतिहासिक विरासत और कृषि के लिए जाना जाता है, रेल नेटवर्क के माध्यम से भी एक खास पहचान रखता है। आज के इस ब्लॉग में हम एटा रेलवे स्टेशन (ETW) के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं के

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काम्पिल ( फर्रुखाबाद ) महाभारत की गाथाएँ ।

“उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा के पावन तट पर बसा एक छोटा सा कस्बा ‘काम्पिल’, अपने भीतर हजारों सालों का इतिहास समेटे हुए है। यह सिर्फ मिट्टी और पत्थरों का शहर नहीं, बल्कि वह महान ‘काम्पिल्य’ है जहाँ महाभारत काल में राजा द्रुपद का राज था। इसी धरती पर यज्ञ की अग्नि से

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कैलाश शिव मंदिर ( एटा )

एटा का गौरव: कैलाश शिव मंदिर उत्तर प्रदेश के एटा जिले की पहचान न केवल इसके शांत परिवेश से है, बल्कि यहाँ की मिट्टी में रची-बसी आध्यात्मिकता से भी है। इस आध्यात्मिकता का सबसे बड़ा केंद्र है— ‘कैलाश मंदिर’। यह मंदिर सिर्फ ईंट और पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि एटा के लोगों की श्रद्धा और

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श्री खाटू श्याम जी ( कलयुग के देव )

खाटू श्याम जी, जिन्हें बर्बरीक के नाम से भी जाना जाता है, कलयुग के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित उनका भव्य मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। खाटूश्याम जी अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते है । हम सब इन्हें शीश के दानी के नाम

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26 जनवरी: भारत के गणतंत्र बनने की गौरवशाली कहानी

प्रस्तावना:– हर साल 26 जनवरी को पूरा देश गर्व और उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाता है। यह दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास है क्योंकि इसी दिन सन् 1950 में हमारे देश का संविधान (Constitution) लागू हुआ था। इसी दिन भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र के साथ-साथ एक “लोकतांत्रिक गणराज्य” बना। ​इसका

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राष्ट्रगान

जन-गण-मन-अधिनायक जय हेभारत-भाग्‍य-विधातापंजाब-सिंधु-गुजरात-मराठाद्राविड़-उत्‍कल-बंगविंध्य-हिमाचल-यमुना-गंगाउच्‍छल-जलधि-तरंगतव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे,गाहे तव जय-गाथा ।जन-गण-मंगल-दायक जय हेभारत भाग्‍य विधाता ।जय हे, जय हे, जय हे,जय जय जय जय हे । सामान्य प्रश्नोत्तर

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राष्ट्रीय गीत

वंदे मातरम् (संस्कृत / बंगला) वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्, सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्, शस्य श्यामलाम्, मातरम्! वंदे मातरम्! शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्,फुल्ल कुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,सुखदां वरदां मातरम्!वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!   वंदे मातरम् ( हिंदी में अनुवाद ) मैं तुम्हारी वंदना करता हूँ, हे माँ!तुम जल से परिपूर्ण हो, फल से समृद्ध

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