गौतम बुद्ध नगर का पुराना नाम

गौतम बुद्ध नगर का पुराना नाम

गौतम बुद्ध नगर का पुराना नाम क्या था? जानिए इस हाई-टेक जिले का प्राचीन इतिहास

उत्तर प्रदेश का आज का सबसे आधुनिक और हाई-टेक जिला ‘गौतम बुद्ध नगर’ (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) अपने शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है। लेकिन प्रशासनिक रूप से जिला बनने से पहले इसका इतिहास बेहद प्राचीन और गौरवशाली रहा है। आइए बहुत ही आसान शब्दों में जानते हैं इसका पुराना नाम और इतिहास।

विस्तृत जानकारी (Detailed History) :-

  • पुराना नाम और पहचान :– जिला बनने से पहले इस क्षेत्र का कोई एक नाम नहीं था। यह इलाका मुख्य रूप से बुलंदशहर और गाजियाबाद जिलों का हिस्सा हुआ करता था। ऐतिहासिक और पौराणिक रूप से इसके मुख्य भाग को ‘द्रोणकौर’ (वर्तमान नाम दनकौर) और ‘बिसरख’ के नाम से जाना जाता था।
  • महाभारत और रामायण काल से संबंध :– ‘द्रोणकौर‘ (दनकौर) वह स्थान है जहाँ गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम था। इसी भूमि पर एकलव्य ने धनुर्विद्या सीखी थी। इसके अलावा यहाँ का ‘बिसरख’ गाँव रावण के पिता ऋषि विश्रवा की जन्मस्थली माना जाता है।
  • नए जिले का गठन :उत्तर प्रदेश सरकार ने 9 जून 1997 को बुलंदशहर और गाजियाबाद के कुछ हिस्सों (दादरी, जेवर, सिकंदराबाद और बिसरख) को मिलाकर एक स्वतंत्र जिला बनाया। महात्मा बुद्ध की याद और उनके सम्मान में इस जिले का नाम ‘गौतम बुद्ध नगर’ रखा गया

बनावट का विवरण (Detailed Architecture) :-

  • बाहरी और आंतरिक बनावट :– गौतम बुद्ध नगर की बनावट प्राचीन विरासत और भविष्य की आधुनिक वास्तुकला का मिश्रण है। जहाँ दनकौर और बिसरख जैसे ग्रामीण इलाकों में प्राचीन मंदिरों और किलों के पारंपरिक अवशेष दिखते हैं, वहीं शहरी क्षेत्र (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) पूरी तरह से प्री-प्लान्ड सेक्टर्स, चौड़ी सड़कों, ग्रीन बेल्ट्स और विशाल गगनचुंबी व्यावसायिक इमारतों से सुसज्जित है।

यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes) :-

  • टिकट और प्रवेश शुल्क :– दनकौर के प्राचीन द्रोणाचार्य मंदिर में प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है। आधुनिक पर्यटन स्थल जैसे दलित प्रेरणा स्थल या ओखला बर्ड सेंचुरी के लिए ₹15 से ₹50 का टिकट लगता है।
  • समय (Visiting Time) :प्राचीन मंदिर सुबह 05:00 बजे से रात 09:00 बजे तक खुलते हैं। प्रमुख पार्क और बर्ड सेंचुरी सुबह 06:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक खुले रहते हैं।
  • पहुँचने का मार्ग (How to Reach) :
    • मेट्रो :– दिल्ली मेट्रो की ब्लू, मैजेंटा लाइन और नोएडा की एक्वा लाइन मेट्रो से आसानी से पहुँच सकते हैं।
    • सड़क :– दिल्ली, आगरा और मथुरा से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे तथा यमुना एक्सप्रेस-वे सीधे कनेक्ट करते हैं।
    • हवाई मार्ग :– नजदीकी एयरपोर्ट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (दिल्ली) है, और जेवर में नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है।
  • फोटोग्राफी स्पॉट्स :– दनकौर द्रोण मंदिर, नोएडा एक्सप्रेस-वे की स्काईलाइन और ओखला बर्ड सेंचुरी।
  • स्थानीय स्वाद और प्रसिद्ध बाज़ार :– यहाँ का स्ट्रीट फूड (चाट-कचौड़ी) बहुत प्रसिद्ध है। शॉपिंग के लिए नोएडा का ‘अट्टा मार्केट’ (सेक्टर-18) और दनकौर का स्थानीय बाज़ार सबसे लोकप्रिय हैं।

रोचक तथ्य (Interesting Facts) :-

  • एकलव्य का अंगूठा दान :– दनकौर ही वह ऐतिहासिक स्थान माना जाता है जहाँ एकलव्य ने गुरु द्रोणाचार्य को अपना अंगूठा काटकर गुरुदक्षिणा में दे दिया था।
  • क्रांतिकारियों का गढ़ :– स्वतंत्रता संग्राम के समय शहीद भगत सिंह और उनके साथियों ने ‘नलगढ़ा’ गाँव में छिपकर बम बनाने की योजना तैयार की थी।
  • यूपी का आर्थिक इंजन :– यह जिला अकेले उत्तर प्रदेश के कुल राजस्व का लगभग 25% हिस्सा देता है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-

  • प्रश्न 1:- गौतम बुद्ध नगर जिले का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
    • उत्तर:– इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय ग्रेटर नोएडा (सूरजपुर) में स्थित है।
  • प्रश्न 2: गौतम बुद्ध नगर का नाम किसके नाम पर रखा गया है?
    • उत्तर:– इस जिले का नाम बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान महात्मा गौतम बुद्ध के नाम पर रखा गया है।

“प्राचीन काल की द्रोण नगरी से लेकर आज के आधुनिक ग्लोबल हब तक, गौतम बुद्ध नगर का हर एक कोना इतिहास और तरक्की की अनोखी दास्तान बयां करता है।”

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