टैली ( Tally )

टैली ( Tally )

टैली क्या है? (What is Tally?)

टैली एक पावरफुल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग छोटे से लेकर बड़े व्यवसायों तक में हिसाब-किताब रखने के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार के वित्तीय लेनदेन को सरल, सटीक और डिजिटल बनाना है। टैली प्राइम (Tally Prime) इसका नवीनतम संस्करण है, जो उपयोग में बहुत ही आसान और एडवांस फीचर्स से लैस है।

विस्तृत जानकारी (Detailed History)

टैली की शुरुआत 1986 में हुई थी। इसे ‘प्यूट्रोनिक्स‘ (Peutronics) नाम की कंपनी ने बनाया था, जिसके संस्थापक श्याम सुंदर गोयनका और उनके बेटे भरत गोयनका थे। शुरुआत में इसका नाम ‘The Accountant‘ था, लेकिन 1999 में इसे बदलकर ‘Tally Solutions‘ कर दिया गया। टैली ने भारत में बही-खाता लिखने के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह से डिजिटल युग में बदल दिया है।

बनावट का विवरण (Detailed Architecture)

टैली सॉफ्टवेयर की बनावट ‘कॉन्करेंट मल्टी-लिंगुअल बिजनेस एक्सपीरियंस’ (Concurrent Multi-lingual Business Experience) पर आधारित है। इसका इंटरफेस बहुत ही सरल है जिसे ‘Gateway of Tally‘ कहा जाता है। इसकी मुख्य बनावट में निम्नलिखित भाग होते हैं।

  • मास्टर्स (Masters) :– यहाँ लेजर (Ledgers) और ग्रुप्स बनाए जाते हैं।
  • ट्रांजेक्शन (Transactions) :– यहाँ रोजाना के लेनदेन जैसे सेल, परचेज और पेमेंट की एंट्री होती है।
  • यूजबिलिटी :– इसकी बनावट ऐसी है कि इसे कीबोर्ड के जरिए बहुत तेजी से चलाया जा सकता है। यह बिना माउस के भी पूरी तरह काम करने में सक्षम है।

टैली गाइड और उपयोग करने का मार्ग (Tally Guide & Process)

टैली का उपयोग शुरू करने के लिए नीचे दिए गए क्रम का पालन करें।

  • सॉफ्टवेयर डाउनलोड :– सबसे पहले टैली सॉल्यूशंस की आधिकारिक वेबसाइट से टैली प्राइम डाउनलोड करें।
  • कंपनी निर्माण (Create Company) :– सॉफ्टवेयर खोलकर Alt + K दबाएं और अपनी कंपनी का नाम, पता और वित्तीय वर्ष भरें।
  • लेजर बनाना (Create Ledgers) :– व्यापार के खातों जैसे बैंक, नकद, खरीद और बिक्री के लेजर तैयार करें।
  • वाउचर एंट्री (Voucher Entry) :– रसीदों और बिलों के आधार पर ‘Vouchers‘ सेक्शन में जाकर एंट्री करें।
  • रिपोर्ट्स :– टैली अपने आप बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस और स्टॉक समरी तैयार कर देता है।

रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • ​टैली को दुनिया के 100 से भी अधिक देशों में उपयोग किया जाता है।
  • यह भारत का पहला ऐसा सॉफ्टवेयर था जिसने ‘नो-कोड‘ इंटरफेस की तरह काम करना शुरू किया ताकि एक साधारण मुनीम भी इसे आसानी से सीख सके।
  • टैली का नाम इसके ‘टैली शीट’ (Tally Sheet) से आया है, जिसका उपयोग गिनती करने के लिए किया जाता था।
  • ​टैली प्राइम में आप एक साथ कई कंपनियों का डेटा मैनेज कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-

प्रश्न 1:- क्या टैली सीखने के लिए कॉमर्स का छात्र होना जरूरी है?

उत्तर:- नहीं, टैली को कोई भी व्यक्ति सीख सकता है। इसकी कार्यप्रणाली बहुत ही तार्किक और आसान है।

प्रश्न 2:- टैली प्राइम और टैली ERP 9 में क्या अंतर है?

उत्तर:- टैली प्राइम नया वर्जन है जिसका इंटरफेस अधिक आधुनिक है और इसमें माउस का उपयोग भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

प्रश्न 3: क्या टैली में जीएसटी (GST) का काम किया जा सकता है?

उत्तर:- हाँ, टैली पूरी तरह से जीएसटी कॉम्प्लिमेंट सॉफ्टवेयर है, जिसमें बिल बनाने से लेकर रिटर्न फाइल करने तक की सुविधा है।

“सटीक हिसाब, व्यापार का विकास – टैली के साथ।”

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