
विस्तृत जानकारी (Detailed History)
दिल्ली सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन की स्थापना ब्रिटिश काल में 1872 में हुई थी। इसका नाम मुगल काल के नवाब रुहिल्ला खान द्वारा बनवाई गई एक ‘सराय’ के नाम पर रखा गया है। यह प्राचीन काल में मीटर गेज ट्रेनों का एक प्रमुख केंद्र था और आज यह दिल्ली के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण टर्मिनलों में से एक है।
बनावट का विवरण (Detailed Architecture) :-
इस स्टेशन की बनावट आधुनिक और अत्यधिक कार्यात्मक है। इसके बाहरी हिस्से में एक बड़ा प्रवेश द्वार और सुव्यवस्थित प्रांगण है। आंतरिक बनावट में 7 प्लेटफॉर्म हैं जो आधुनिक फुट-ओवर ब्रिज, स्वचालित सीढ़ियों (एस्केलेटर), साफ-सुथरे वेटिंग हॉल और वीआईपी लाउंज से सुसज्जित हैं।
यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes) :-
- टिकट व समय :– प्रवेश के लिए प्लेटफॉर्म टिकट अनिवार्य है। यह स्टेशन यात्रियों के लिए 24 घंटे खुला रहता है।
- मार्ग :– यहाँ पहुँचने के लिए ‘शास्त्री नगर’ और ‘प्रताप नगर’ नजदीकी मेट्रो स्टेशन हैं। यह सड़क मार्ग द्वारा करोल बाग और पुरानी दिल्ली से सीधे जुड़ा है।
- स्पॉट्स व स्वाद :– फुट-ओवर ब्रिज से ट्रेनों का नजारा फोटोग्राफी के लिए उत्तम है। स्टेशन के आसपास दिल्ली के मशहूर छोले-भटूरे और कचौड़ी का स्वाद लिया जा सकता है।
- बाज़ार :– इसके निकट प्रसिद्ध करोल बाग और सदर बाज़ार स्थित हैं।
रोचक तथ्य (Interesting Facts)
- यह स्टेशन दिल्ली से राजस्थान, गुजरात और पंजाब की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों का मुख्य प्रस्थान बिंदु है।
- यहाँ भारतीय रेलवे का एक विशाल और आधुनिक ट्रेन वाशिंग तथा मेंटेनेंस यार्ड स्थित है।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:- सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर कुल कितने प्लेटफॉर्म हैं?
उत्तर:- दिल्ली सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर कुल 7 प्लेटफॉर्म हैं जो आधुनिक सुविधाओं से जुड़े हैं।
“इतिहास की सराय से आधुनिक सफर का हमसफर, यही है हमारे दिल्ली सराय रोहिल्ला की पहचान!”
