
नॉर्थ एवं साउथ ब्लॉक :- भारतीय साम्राज्य के प्रशासनिक गढ़ से देश की सत्ता के शीर्ष केंद्र तक
दिल्ली के दिल में स्थित रायसिना हिल की चढ़ाई चढ़ते ही राष्ट्रपति भवन के दोनों तरफ लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों से बनी दो विशाल और आलीशान इमारतें दिखाई देती हैं। इन्हें ‘नॉर्थ ब्लॉक’ (North Block) और ‘साउथ ब्लॉक’ (South Block) कहा जाता है। ये दोनों इमारतें मिलकर ‘केंद्रीय सचिवालय’ (Central Secretariat) का मुख्य हिस्सा बनती हैं, जहाँ से भारत सरकार के सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण मंत्रालयों का संचालन होता है। आइए, इस विस्तृत ब्लॉग के माध्यम से भारत की प्रशासनिक शक्ति के इस शिखर और इसके ऐतिहासिक वैभव की सैर करते हैं।
विस्तृत जानकारी (Detailed History)
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का इतिहास 20वीं सदी के शुरुआती दौर से जुड़ा हुआ है, जब ब्रिटिश साम्राज्य ने 1911 में भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की थी। नई राजधानी के लिए प्रशासनिक कार्यालयों (सचिवालय) की आवश्यकता को पूरा करने के लिए इन दोनों विशाल ब्लॉकों की योजना बनाई गई।
इन ऐतिहासिक इमारतों को डिजाइन करने का श्रेय प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार सर हर्बर्ट बेकर (Sir Herbert Baker) को जाता है, जो मुख्य वास्तुकार सर एडविन लुटियंस के सहयोगी थे। इनका निर्माण कार्य 1910 के दशक के उत्तरार्ध में शुरू हुआ और 1930 के आसपास यह पूरी तरह बनकर तैयार हुआ।
- ब्रिटिश काल में :– इसे ‘सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग‘ (Secretariat Building) कहा जाता था, जहाँ से ब्रिटिश वायसराय की परिषद और उनके प्रशासनिक अधिकारी पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन चलाते थे।
- आजादी के बाद :– 15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ, तब इन औपनिवेशिक इमारतों पर तिरंगा फहराया गया। आज, ये दोनों ब्लॉक स्वतंत्र भारत की संप्रभुता, लोकतांत्रिक नीति-निर्धारण और देश की सुरक्षा व अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े गवाह हैं।
बनावट का विवरण (Detailed Architecture) :-
हर्बर्ट बेकर ने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को इस तरह डिजाइन किया था कि इनमें यूरोपीय पुनर्जागरण (Renaissance) शैली और शास्त्रीय (Classical) यूनानी वास्तुकला के साथ-साथ समृद्ध भारतीय वास्तुकला का एक अद्भुत और भव्य मिश्रण देखने को मिलता है।
- बाहरी बनावट (Exterior Architecture) :– ये दोनों इमारतें रायसिना हिल पर एक-दूसरे के आमने-सामने बिल्कुल सममित (Symmetrical) आकार में खड़ी हैं। इनके निर्माण में राजस्थान के धौलपुर से लाए गए शानदार लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों (Sandstone) का उपयोग किया गया है। इमारतों के सामने बने ऊंचे और भव्य स्तंभ (Colonnades) प्राचीन यूनानी और रोमन वास्तुकला की याद दिलाते हैं। दोनों ब्लॉकों के केंद्र में विशाल और आकर्षक गुंबद (Domes) हैं। इसके अलावा, इमारतों की छतों पर मुग़ल और राजपूत शैली की ‘छतरियां’ (Domed Pavilions) और ‘जालियां’ (Carved Screens) बनाई गई हैं, जो तेज धूप से राहत देने के साथ-साथ इसे पूरी तरह भारतीय रंग-रूप देती हैं।
- आंतरिक बनावट (Interior Architecture) :– इन इमारतों के भीतर कदम रखते ही इसकी भव्यता और इतिहास का अहसास होता है। ऊंचे गलियारे, विशाल मेहराबदार दरवाजे और कलात्मक सीढ़ियाँ इसकी बनावट को राजसी लुक देती हैं। साउथ ब्लॉक के मुख्य प्रवेश द्वार के भीतर भारत के समृद्ध सैन्य इतिहास और कूटनीति से जुड़े कई स्मृति चिन्ह और भित्तिचित्र (Murals) सजे हुए हैं। वहीं नॉर्थ ब्लॉक के अंदरूनी हिस्से में देश की अर्थव्यवस्था और गृह व्यवस्था से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों और तस्वीरों को सहेज कर रखा गया है।
मंत्रालयों का विवरण (Key Departments & Ministries)
ये दोनों ब्लॉक भारत सरकार के सबसे संवेदनशील और शक्तिशाली मंत्रालयों के घर हैं।
- साउथ ब्लॉक (South Block) :– यह मुख्य रूप से देश की सुरक्षा और विदेश नीति का केंद्र है। यहाँ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) और विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) स्थित हैं।
- नॉर्थ ब्लॉक (North Block) :– यह मुख्य रूप से देश की आंतरिक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करता है। यहाँ गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के कार्यालय स्थित हैं।
यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes)
यदि आप देश के इस प्रशासनिक और ऐतिहासिक केंद्र को करीब से देखना चाहते हैं, तो पूरा यात्रा विवरण नीचे दिए गए क्रम में है।
- टिकट (Ticket) :– नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के बाहरी परिसरों, राजपथ (कर्तव्य पथ) और विजय चौक पर घूमने के लिए कोई टिकट नहीं लगता है, यहाँ आना पूरी तरह से निःशुल्क (Free) है। (ध्यान दें: सुरक्षा कारणों से इन इमारतों के आंतरिक कार्यालयों में आम जनता का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। केवल आधिकारिक पास या पूर्व अनुमति पत्र वाले व्यक्ति ही अंदर जा सकते हैं)।
- समय (Visiting Time) :– पर्यटक विजय चौक और इन इमारतों के बाहरी रास्तों पर सुबह 06:00 बजे से रात 09:30 बजे के बीच कभी भी घूम सकते हैं। शाम के समय, विशेषकर सप्ताहांत (Weekends) पर, जब इन दोनों इमारतों को बेहद खूबसूरत और रंग-बिरंगी डायनेमिक एलईडी लाइटों से रोशन किया जाता है, तो यहाँ का नजारा देखने लायक होता है।
- खुलने और बंद होने का समय (Opening & Closing Time) :– सरकारी कार्यालय सोमवार से शुक्रवार सुबह 09:00 से शाम 05:30 बजे तक चलते हैं, लेकिन पर्यटकों के लिए बाहरी दीदार का सबसे अच्छा समय सूर्योदय से लेकर रात 10:00 बजे तक होता है।
- पहुँचने का मार्ग (How to Reach) :–
- मेट्रो द्वारा :– सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन ‘केंद्रीय सचिवालय’ (Central Secretariat) है, जो येलो और वायलट लाइन का इंटरचेंज स्टेशन है। मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते ही रायसिना हिल और ये दोनों ब्लॉक मात्र 2 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित हैं।
- बस द्वारा :– दिल्ली के लगभग सभी हिस्सों से ‘केंद्रीय सचिवालय’ या ‘बस टर्मिनल’ की तरफ जाने वाली डीटीसी बसें आपको इन ब्लॉकों के पास छोड़ देंगी।
- सड़क मार्ग/कैब द्वारा :– आप कैब या निजी वाहन के जरिए सीधे ‘Vijay Chowk’ या ‘North Block/South Block’ लोकेशन डालकर पहुँच सकते हैं। चूंकि यह अति-सुरक्षित वीआईपी क्षेत्र (High-Security VIP Zone) है, इसलिए सड़कों पर गाड़ी रोकने या पार्क करने की सख्त मनाही है। वाहनों को केवल निर्दिष्ट सार्वजनिक पार्किंग क्षेत्रों में ही खड़ा किया जा सकता है।
फोटोग्राफी स्पॉट्स, स्थानीय स्वाद और प्रसिद्ध बाज़ार
- फोटोग्राफी स्पॉट्स (Photography Spots) :–
- विजय चौक (Vijay Chowk) :– यहाँ से खड़े होकर नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का एक साथ सममित (Symmetrical) और बेहद भव्य शॉट लिया जा सकता है।
- कर्तव्य पथ से रायसिना हिल की तरफ बढ़ते हुए राष्ट्रपति भवन के साथ इन दोनों ब्लॉकों का दूरगामी दृश्य।
- रात के समय जब दोनों इमारतें तिरंगे और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठती हैं, तब की तस्वीरें।
- (विशेष निर्देश :- इमारतों के मुख्य द्वारों, सुरक्षा जांच चौकियों और तैनात सुरक्षाकर्मियों की क्लोज-अप फोटोग्राफी करना सुरक्षा कारणों से सख्त प्रतिबंधित है।)
- स्थानीय स्वाद (Local Flavors) :– इस हाई-सिक्योरिटी जोन के ठीक बाहर कोई व्यावसायिक फूड स्टॉल नहीं हैं, लेकिन शाम के समय विजय चौक और कर्तव्य पथ के आसपास मिलने वाली दिल्ली की मशहूर चाट, गोलगप्पे, भेलपूरी और वेंडर्स से मिलने वाली आइसक्रीम पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। अच्छे रेस्तरां के लिए आप पास ही स्थित ‘कनॉट प्लेस’ या ‘बाबा खड़क सिंह मार्ग’ पर स्थित विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम और भवनों के केंटीन जा सकते हैं।
- प्रसिद्ध बाज़ार (Famous Market) :– यहाँ से सबसे नजदीक और प्रसिद्ध बाजार ‘कनॉट प्लेस’ (Connaught Place) और ‘जनपथ मार्केट’ हैं, जहाँ से आप हर तरह के ब्रांडेड सामान, हस्तशिल्प, पारंपरिक कपड़े और स्मृति चिन्ह खरीद सकते हैं।
आसपास के आकर्षण बिंदु (Nearby Attractions)
इन दोनों ब्लॉकों की यात्रा के साथ आप लुटियंस दिल्ली के इन अन्य ऐतिहासिक स्थलों को भी देख सकते हैं।
- राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) :– जो इन दोनों ब्लॉकों के ठीक बीच से गुजरने वाले रास्ते के अंत में रायसिना हिल के शीर्ष पर स्थित है।
- नया संसद भवन (New Parliament House) :– नॉर्थ ब्लॉक के बिल्कुल बगल में स्थित भारतीय लोकतंत्र का आधुनिक और भव्य मंदिर।
- इंडिया गेट (India Gate) :– विजय चौक से सीधे दिखाई देने वाला कर्तव्य पथ के दूसरे छोर पर स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक।
- राष्ट्रीय संग्रहालय (National Museum) :– जनपथ पर स्थित भारत के प्राचीन इतिहास और कलाकृतियों का सबसे बड़ा खजाना।
रोचक तथ्य (Interesting Facts) :-
- नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के मुख्य प्रवेश द्वारों पर एक प्रसिद्ध संदेश लिखा हुआ है: “Liberty does not descend to a people, a people must raise themselves to liberty…” (स्वतंत्रता किसी राष्ट्र के पास खुद नहीं आती, बल्कि राष्ट्र को स्वयं स्वतंत्रता के स्तर तक उठना होता है)।
- इन इमारतों को बनाते समय हर्बर्ट बेकर और एडविन लुटियंस के बीच रायसिना हिल की ढलान (Gradient) को लेकर एक प्रसिद्ध विवाद हो गया था, जिसके कारण राजपथ से देखने पर राष्ट्रपति भवन का निचला हिस्सा छिप जाता है।
- हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के रूप में आयोजित होने वाला भव्य ‘बीटिंग रिट्रीट’ (Beating Retreat) समारोह इसी विजय चौक और नॉर्थ-साउथ ब्लॉक के प्रांगण में आयोजित होता है, जब इन इमारतों की रोशनी देखने दुनिया भर से लोग आते हैं।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:– क्या आम जनता नॉर्थ या साउथ ब्लॉक के अंदर जाकर मंत्रालयों को देख सकती है?
उत्तर:- नहीं, सुरक्षा कारणों से आम नागरिकों को नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है। केवल आधिकारिक कार्य से आने वाले लोगों को, जिनके पास वैध सरकारी पास हो, उन्हें ही प्रवेश दिया जाता है। पर्यटक बाहर से इसकी वास्तुकला का आनंद ले सकते हैं।
प्रश्न 2:– नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के मुख्य वास्तुकार कौन थे?
उत्तर:- इन दोनों भव्य प्रशासनिक ब्लॉकों के मुख्य वास्तुकार सर हर्बर्ट बेकर (Sir Herbert Baker) थे।
प्रश्न 3:- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) किस ब्लॉक में स्थित है?
उत्तर:- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के साथ साउथ ब्लॉक (South Block) में स्थित है।
लेखक के विचार (Author’s Perspective) :-
मेरी दृष्टि में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक सिर्फ ईंटों और पत्थरों से बने सरकारी दफ्तर नहीं हैं, बल्कि ये आधुनिक भारत की नियति और उसके निर्णयों के जीवित गवाह हैं। रायसिना हिल की चढ़ाई पर खड़े होकर जब हम इन दोनों जुड़वां इमारतों की भव्यता को देखते हैं, तो हमें भारत की प्रशासनिक शक्ति और उसकी स्थिरता का अहसास होता है। औपनिवेशिक काल के शासकों ने इन्हें अपनी सत्ता की हनक दिखाने के लिए बनाया था, लेकिन आज ये इमारतें पूरी तरह से भारतीय लोकतंत्र और जन-सेवा के रंग में रंग चुकी हैं। रात के समय तिरंगे की रोशनी में नहाए इन ब्लॉकों को देखना हर भारतीय के दिल में राष्ट्रप्रेम की भावना को जगा देता है।
Si“रायसिना हिल की ढलान पर मुस्तैदी से खड़े ये जुड़वां ब्लॉक, भारतीय लोकतंत्र की प्रशासनिक रीढ़ और देश के गौरवमयी निर्णयों के अमर प्रहरी हैं।”
