
नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक, दिल्ली :- भारतीय सत्ता के महाद्वार और प्रशासनिक वास्तुकला का शिखर
विस्तृत जानकारी (Detailed History)
नई दिल्ली में रायसीना हिल (Raisina Hill) पर राष्ट्रपति भवन के दोनों ओर खड़े ‘नॉर्थ ब्लॉक’ (North Block) और ‘साउथ ब्लॉक’ (South Block) केवल दो विशाल इमारतें नहीं हैं, बल्कि ये स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक शक्ति, रणनीतिक फैसलों और राष्ट्रीय संप्रभुता के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। इन्हें सामूहिक रूप से ‘सचिवालय भवन’ (Secretariat Building) कहा जाता है। ब्रिटिश काल में जब साम्राज्य की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया, तब पूरी नई प्रशासनिक नगरी (लुटियंस दिल्ली) के संचालन के लिए इन दोनों ब्लॉक्स का निर्माण साम्राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में किया गया था। इनकी नींव 1910 के दशक में रखी गई थी और ये 1930 के आसपास पूरी तरह बनकर तैयार हुए।
इन दोनों ऐतिहासिक और भव्य इमारतों के मुख्य वास्तुकार (Architect) सर हरबर्ट बेकर (Sir Herbert Baker) थे, जो सर एडविन लुटियंस के प्रमुख सहयोगी थे। स्वतंत्रता के बाद, इन जुड़वां इमारतों ने भारतीय गणराज्य के नीति-निर्धारण केंद्र के रूप में कार्य संभाला। आज, नॉर्थ ब्लॉक मुख्य रूप से देश के बेहद महत्वपूर्ण मंत्रालयों—गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) का मुख्यालय है। दूसरी ओर, साउथ ब्लॉक भारत की बाहरी सुरक्षा और कूटनीति का केंद्र है, जहाँ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) और विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) स्थित हैं। देश के आंतरिक प्रशासन, आर्थिक नीतियों, रक्षा रणनीतियों और दुनिया भर से हमारे विदेशी संबंधों का ताना-बाना इन्हीं दोनों इमारतों के भीतर से बुना जाता है।
बनावट का विवरण (Detailed Architecture) :-
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की वास्तुकला दुनिया के सबसे प्रभावशाली और भव्य प्रशासनिक डिजाइनों में से एक है। इसकी बनावट में इतालवी पुनर्जागरण (Italian Renaissance) शैली की भव्यता और पारंपरिक भारतीय (मुगल और राजपूत) स्थापत्य कला के तत्वों का एक बेजोड़ तालमेल दिखाई देता है।
- बाहरी बनावट (Exterior Architecture) :– ये दोनों इमारतें रायसीना हिल की चढ़ाई पर एक-दूसरे के बिल्कुल आमने-सामने, सममित (Symmetrical) रूप से बनाई गई हैं। दोनों भवनों के निर्माण में धौलपुर के उत्तम लाल और हल्के पीले बलुआ पत्थरों (Sandstone) का उपयोग किया गया है। दोनों ही इमारतों के अग्रभाग (Facade) पर राजसी और ऊंचे खंभों की कतारें (Colonnades) बनी हैं, जो इन्हें एक क्लासिक लुक देती हैं। इन दोनों इमारतों के शीर्ष पर भव्य गुंबद (Domes) बने हैं, जो पारंपरिक भारतीय स्थापत्य से प्रेरित हैं। इन ब्लॉक्स के मुख्य द्वारों के सामने भव्य प्रांगण हैं, जहाँ खड़े होने पर लुटियंस दिल्ली और कर्तव्य पथ का एक विहंगम और असीमित दृश्य दिखाई देता है। इमारतों की बाहरी दीवारों पर बनी बारीक जालियां, पत्थर के छज्जे (Chhajjas) और नक्काशीदार हाथी की आकृतियां भारतीय शिल्पकला की गहरी छाप छोड़ती हैं।
- आंतरिक बनावट (Interior Architecture) :– दोनों ब्लॉक्स के भीतर का हिस्सा अत्यधिक विशाल, गंभीर और राजकीय वैभव से परिपूर्ण है। इसके मुख्य आंतरिक आकर्षण निम्नलिखित हैं:
- विशाल गलियारे और सीढ़ियाँ :– भवनों के भीतर प्रवेश करते ही ऊंचे मेहराबदार गलियारे (Vaulted Corridors) और चौड़ी संगमरमर की सीढ़ियाँ दिखाई देती हैं, जो ब्रिटिश और भारतीय राजसी वास्तुकला का मिश्रण हैं।
- केंद्रीय प्रांगण (Central Courtyards) :– प्रत्येक ब्लॉक के भीतर बड़े और खुले आंतरिक प्रांगण बनाए गए हैं, जो न केवल प्रकाश और हवा का सही संतुलन रखते हैं, बल्कि इनकी दीवारों पर विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां और भित्तिचित्र (Murals) भी उकेरे गए हैं।
- ऐतिहासिक द्वार और मुहरें :– इन ब्लॉक्स के आंतरिक द्वारों और स्तंभों पर विभिन्न ऐतिहासिक लैटिन और अंग्रेजी सूक्तियां तथा स्वतंत्र भारत के बाद राष्ट्रीय प्रतीकों और मुहरों को बहुत गरिमा के साथ उकेरा गया है। इसके ऊंचे कमरे और लकड़ी के भारी दरवाजे इसकी प्रशासनिक गंभीरता को और बढ़ाते हैं।
यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes)
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक नई दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण, अति-सुरक्षित और वीआईपी क्षेत्र ‘सेंट्रल विस्टा’ के पश्चिमी छोर पर, राष्ट्रपति भवन के ठीक बगल में स्थित हैं। यहाँ आने के लिए आवश्यक गाइड नीचे दी गई है।
- प्रवेश टिकट और अनुमति (Entry Ticket & Admission) :– देश के सबसे संवेदनशील और सर्वोच्च प्रशासनिक कार्यालय (जैसे PMO, गृह, रक्षा मंत्रालय) होने के कारण, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के भीतर आम नागरिकों और पर्यटकों का सीधे प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके भीतर केवल वही लोग जा सकते हैं जिनके पास यहाँ के अधिकारियों का आधिकारिक आमंत्रण, पास या अपॉइंटमेंट हो। हालांकि, इसके बाहरी प्रांगण, इसके राजसी पत्थरों की बनावट और इसके ऐतिहासिक रास्तों को देखने या महसूस करने के लिए किसी टिकट की आवश्यकता नहीं है; आप बाहर विजय चौक की मुख्य सड़क से इसे मुफ्त में निहार सकते हैं।
- समय (Visiting Timings) :– इस वीआईपी प्रशासनिक क्षेत्र को बाहर से देखने और वास्तुकला की तस्वीरें लेने का सबसे अच्छा समय सुबह 09:00 बजे से शाम 05:00 बजे के बीच का है। संसद और राष्ट्रपति भवन सत्रों के दौरान यहाँ सुरक्षा व्यवस्था और भी अधिक कड़ी रहती है।
- पहुँचने का मार्ग (How to Reach) :–
- मेट्रो द्वारा :– यहाँ पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी और सबसे सुविधाजनक मेट्रो स्टेशन ‘केंद्रीय सचिवालय’ (Central Secretariat) है, जो येलो लाइन और वायलेट लाइन का एक प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन है। इसके अलावा ‘उद्योग भवन’ (Udyog Bhawan) मेट्रो स्टेशन भी पास है। मेट्रो स्टेशन के द्वारों से बाहर निकलते ही रायसीना हिल के ये दोनों ब्लॉक्स मात्र 3 से 5 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित हैं।
- बस द्वारा :– केंद्रीय दिल्ली और कर्तव्य पथ की ओर जाने वाली दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसें आपको ‘केंद्रीय सचिवालय’ या ‘कृषि भवन’ बस स्टॉप पर उतारेंगी, जहाँ से ये दोनों ब्लॉक्स बेहद पास हैं।
- ऑटो/कैब :– कनॉट प्लेस, इंडिया गेट या नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से आप सीधे ऑटो या कैब करके मात्र 5 से 10 मिनट में विजय चौक और रायसीना हिल के बाहरी रास्तों तक आसानी से पहुँच सकते हैं।
आसपास के आकर्षण बिंदु (Nearby Attractions)
- राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) :– इन दोनों ब्लॉक्स के ठीक बीच में, रायसीना हिल के शीर्ष पर स्थित भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक और राजसी निवास स्थान।
- नया और पुराना संसद भवन (संविधान सदन) :– रायसीना हिल से नीचे उतरते ही सामने की ओर स्थित भारत के ये दो विश्व प्रसिद्ध विधायी केंद्र, जहाँ देश का कानून बनता है।
- कर्तव्य पथ और इंडिया गेट (Kartavya Path & India Gate) :– इन दोनों ब्लॉक्स के बीच से शुरू होकर सीधे इंडिया गेट तक जाने वाला देश का सबसे भव्य और ऐतिहासिक राष्ट्रीय मार्ग, जो शाम के समय टहलने के लिए बेहतरीन है।
- राष्ट्रीय संग्रहालय (National Museum) :– भारत के प्राचीन इतिहास, सिंधु घाटी सभ्यता की मूर्तियों और प्राचीन कलाकृतियों का सबसे बड़ा संग्रह, जो जनपथ रोड पर पास ही स्थित है।
- राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) :– भारत सरकार के ऐतिहासिक और आधिकारिक दस्तावेजों का सबसे बड़ा और सुरक्षित संग्रह केंद्र।
फोटोग्राफी, स्थानीय स्वाद और प्रसिद्ध बाज़ार (Lifestyle Guide)
- फोटोग्राफी स्पॉट्स (Photography Spots) :– नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के राजसी बलुआ पत्थरों के अग्रभाग और उनके विशाल गुंबदों को ‘विजय चौक’ (Vijay Chowk) के केंद्र से फ्रेम करना पूरी दिल्ली का सबसे प्रतिष्ठित और गर्व से भर देने वाला व्यू देता है। गणतंत्र दिवस और विशेष राष्ट्रीय पर्वों पर जब ये दोनों इमारतें हजारों रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा उठती हैं, तो यह नजारा फोटोग्राफर्स के लिए एक अद्भुत उत्सव जैसा होता है। (ध्यान दें: सुरक्षा कारणों से इन इमारतों के मुख्य द्वारों, बैरिकेड्स और सुरक्षा चौकियों की फोटोग्राफी पर सख्त प्रतिबंध है। केवल सार्वजनिक रास्तों से ही सामान्य फोटोग्राफी की अनुमति है)।
- स्थानीय स्वाद (Local Taste) :– इस उच्च-सुरक्षा प्रशासनिक क्षेत्र के आसपास कोई व्यावसायिक फूड स्टॉल या रेस्तरां नहीं हैं, लेकिन पास ही स्थित विभिन्न राज्यों के सरकारी भवनों की कैंटीन (जैसे आंध्र भवन, रेल भवन की कैंटीन या उद्योग भवन के पास के स्टॉल्स) अपनी बेहतरीन चाय, कॉफी और किफायती भोजन के लिए बहुत लोकप्रिय हैं।
- प्रसिद्ध बाज़ार (Famous Markets) :– खरीदारी के लिए पास ही स्थित ‘जनपथ मार्केट’ (Janpath), ‘बाबा खड़क सिंह मार्ग’ पर स्थित राज्य हस्तशिल्प एम्पोरियम और ‘कनॉट प्लेस’ सबसे प्रसिद्ध और बेहतरीन नजदीक विकल्प हैं।
रोचक तथ्य (Interesting Facts) :-
- नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के मुख्य प्रवेश द्वारों के ऊपर लुटियंस और बेकर द्वारा तैयार की गई विशेष सूक्तियां और वाक्य लिखे हैं। साउथ ब्लॉक के मुख्य द्वार पर सर हरबर्ट बेकर का एक प्रसिद्ध उद्धरण लिखा है, जिसका अर्थ है: “स्वतंत्रता केवल उन्हीं को मिलती है जो इसकी रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।”
- इन दोनों ब्लॉक्स के सामने के प्रांगण में चार बड़े स्तंभ खड़े हैं, जिन्हें ‘डोमिनियन कॉलम’ (Dominion Columns) कहा जाता है। ये स्तंभ ब्रिटिश काल के दौरान भारत को डोमिनियन का दर्जा देने की याद में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसे देशों द्वारा उपहार स्वरूप दिए गए पत्थरों से बनाए गए थे।
- इन जुड़वां इमारतों की वास्तुकला को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यदि आप राजपथ (कर्तव्य पथ) से इंडिया गेट की ओर से राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ेंगे, तो ढलान के कारण पहले ये दोनों ब्लॉक्स दिखाई देते हैं और राष्ट्रपति भवन का मुख्य हिस्सा धीरे-धीरे ऊपर की ओर उभरता हुआ दिखाई देता है, जो स्थापत्य कला का एक अनोखा भ्रम (Architectural Illusion) पैदा करता है।
- इन इमारतों के भीतर भूमिगत रास्तों (Underground Tunnels) का एक नेटवर्क भी मौजूद है, जो सुरक्षा कारणों से इन प्रशासनिक ब्लॉकों को राष्ट्रपति भवन और संसद भवन से जोड़ता है, ताकि आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:– नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक दिल्ली में कहाँ स्थित हैं और इनके मुख्य मंत्रालयों के नाम क्या हैं?
उत्तर:- ये दोनों ब्लॉक्स नई दिल्ली के केंद्र में रायसीना हिल पर राष्ट्रपति भवन के दोनों ओर स्थित हैं। नॉर्थ ब्लॉक में गृह और वित्त मंत्रालय हैं, जबकि साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), रक्षा और विदेश मंत्रालय स्थित हैं।
प्रश्न 2:– क्या कोई भी सामान्य पर्यटक नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के अंदर जा सकता है?
उत्तर:- नहीं, अत्यधिक उच्च सुरक्षा वाले सरकारी कार्यालय होने के कारण आम पर्यटकों और जनता का इन इमारतों के भीतर सीधे प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके भीतर केवल वैध सरकारी पास या विशेष प्रशासनिक अनुमति द्वारा ही प्रवेश संभव है।
प्रश्न 3:- नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतों का डिजाइन किस प्रसिद्ध वास्तुकार ने तैयार किया था?
उत्तर:- इन दोनों विशाल जुड़वां इमारतों का मुख्य डिजाइन प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार सर हरबर्ट बेकर (Sir Herbert Baker) द्वारा तैयार किया गया था।
लेखक के विचार (Author’s Thoughts) :-
विजय चौक पर खड़े होकर जब आप अपने दाईं ओर नॉर्थ ब्लॉक और बाईं ओर साउथ ब्लॉक की उन विशाल बलुआ पत्थरों की दीवारों को देखते हैं, तो आपको महसूस होता है कि आप भारत के सबसे शक्तिशाली चौराहे पर खड़े हैं। यह वही जगह है जहाँ से पूरे देश की धड़कनें नियंत्रित होती हैं—जहाँ देश के बजट से लेकर देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के सबसे बड़े फैसले रोज लिए जाते हैं। भले ही इन इमारतों की दीवारें ब्रिटिश औपनिवेशिक काल की याद दिलाती हों, लेकिन आज इनके भीतर धड़कने वाला दिल पूरी तरह से भारतीय और लोकतांत्रिक है। शाम के समय जब रायसीना हिल की ये जुड़वां इमारतें राष्ट्रीय तिरंगे के रंगों की रोशनी से सराबोर होती हैं, तो वह नजारा हर भारतीय को एक असीम गर्व और सुरक्षा की भावना से भर देता है। यह स्थान भारत की प्रशासनिक भव्यता का सबसे बड़ा ‘शब्द-तीर्थ’ है।
“नॉर्थ और साउथ ब्लॉक रायसीना हिल के वे दो अभेद्य प्रहरी हैं, जिनके पत्थरों की खामोशी में आज भी भारतीय लोकतंत्र के सबसे शक्तिशाली फैसलों की गूंज धड़कती है।”
