FORTS OF INDIA ( भारत के किले )

लोहागढ़ किला ( भरतपुर )

लोहागढ़ किला :- मिट्टी की वह दीवार जिसे अंग्रेज भी न भेद सके ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) भरतपुर में स्थित लोहागढ़ किले का निर्माण 18वीं शताब्दी (1733 ई.) में महान जाट शासक महाराजा सूरजमल ने करवाया था। इस किले का नाम ‘लोहागढ़‘ इसलिए पड़ा क्योंकि इसे जीतना लोहे के चने चबाने जैसा था। इतिहास गवाह […]

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गागरोन का किला ( झालावाड़ )

गागरोन का किला :- जल के घेरे में बसा एक अजेय दुर्ग राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्थित गागरोन का किला भारत के सबसे बेहतरीन ‘जल दुर्ग‘ (Water Fort) का उदाहरण है। यह किला अपनी अनूठी भौगोलिक स्थिति और वीरतापूर्ण इतिहास के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। ​विस्तृत जानकारी (Detailed History)

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भटनेर का किला ( हनुमानगढ़ )

भटनेर का किला :- भारत का सबसे प्राचीन और सुरक्षित दुर्ग राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित भटनेर का किला भारत के सबसे पुराने किलों में से एक माना जाता है। घग्गर नदी के तट पर स्थित यह दुर्ग सदियों तक उत्तरी सीमाओं का प्रहरी रहा है और इसने भारत पर होने वाले लगभग सभी

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चूरू का किला

चूरू का किला :- जहाँ वीरों ने चांदी के गोलों से इतिहास लिखा राजस्थान के चूरू जिले के मध्य में स्थित यह किला केवल ईंट और पत्थर की संरचना नहीं है, बल्कि यह राजस्थानी स्वाभिमान और बलिदान की चरम सीमा का प्रतीक है। यह दुनिया का एकमात्र ऐसा किला है जहाँ बारूद खत्म होने पर

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मेहरानगढ़ किला ( जोधपुर )

मेहरानगढ़ किला :- मारवाड़ का अजेय दुर्ग और नीली नगरी की शान राजस्थान के जोधपुर में एक विशाल पहाड़ी (चिड़ियाटूँक) पर स्थित मेहरानगढ़ किला भारत के सबसे बड़े और भव्य किलों में से एक है। 410 फीट की ऊँचाई से यह किला पूरे ‘ब्लू सिटी‘ पर अपनी पैनी नजर रखता है। इसकी अभेद्य दीवारें और

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गुगोर किला ( बारां )

गुगोर किला :- पार्वती नदी के आगोश में बसा अभेद्य जल दुर्ग ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की छबड़ा तहसील में स्थित गुगोर किला राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन जल दुर्गों में से एक है। इसका इतिहास मुख्य रूप से खींची चौहान राजपूतों के शौर्य से जुड़ा है। यह किला पार्वती नदी के

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बदनौर किला ( भीलवाड़ा )

बदनौर किला :- मेवाड़ की रक्षा का सात मंजिला प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) भीलवाड़ा जिले के बदनौर कस्बे में एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह किला मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा के शासनकाल के दौरान मेवाड़ की सीमाओं की रक्षा के लिए किया गया

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शेरगढ़ का किला ( बारां )

शेरगढ़ का किला :- जल और पहाड़ियों के बीच बसा ‘कोशवर्धन’ दुर्ग राजस्थान के बारां जिले में परवन नदी के किनारे एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित शेरगढ़ का किला, प्रकृति और मानवीय श्रम का एक अद्भुत संगम है। इसे ‘कोशवर्धन‘ (खजाने की वृद्धि करने वाला) इसलिए कहा जाता था क्योंकि यह सामरिक दृष्टि से सुरक्षित

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जालौर किला

जालौर किला :- सुवर्णगिरी की अभेद्य ढाल ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) जालौर का किला अरावली की ‘सोनगिरी‘ पहाड़ी पर स्थित है। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी में प्रतिहार राजाओं द्वारा करवाया गया था, जिसके बाद यह परमारों और फिर चौहानों के नियंत्रण में आया। इस किले का सबसे गौरवशाली इतिहास राजा कान्हड़देव चौहान से जुड़ा है,

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सिवाणा किला ( बाड़मेर )

सिवाणा किला :- मारवाड़ के राजाओं की संकटकालीन राजधानी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बाड़मेर जिले की सिवाणा तहसील में स्थित इस किले का निर्माण 10वीं शताब्दी (954 ई.) में परमार वंश के राजा वीर नारायण ने करवाया था। इतिहास में इस किले का अत्यधिक महत्व रहा है क्योंकि जब भी जोधपुर (मारवाड़) के राजाओं पर

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