FORTS OF INDIA ( भारत के किले )

रेलवां किला ( बारां )

रेलवां किला :- घने जंगलों और इतिहास का अनूठा संगम ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की छबड़ा तहसील के समीप स्थित रेलवां किला राजस्थान के उन चुनिंदा दुर्गों में से है जो आज भी अपनी प्राकृतिक अवस्था में मौजूद हैं। इसका निर्माण मध्यकाल में स्थानीय खींची चौहान शासकों द्वारा किया गया था। सामरिक दृष्टि […]

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नंता किला ( कोटा )

नंता किला :- झाला जालिम सिंह का ऐतिहासिक निवास और सामरिक केंद्र ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कोटा शहर के बाहरी हिस्से में स्थित नंता किला हाड़ौती के इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। यह मुख्य रूप से कोटा रियासत के सुप्रसिद्ध और शक्तिशाली दीवान झाला जालिम सिंह का मुख्य निवास और मुख्यालय था। 18वीं

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भानगढ़ किला ( अलवर )

भानगढ़ किला :- खंडहरों में बसा इतिहास और रहस्य ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) अलवर जिले की राजगढ़ तहसील में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित इस किले का निर्माण 1573 ई. में आमेर के राजा भगवंत दास ने अपने छोटे बेटे माधो सिंह के लिए करवाया था। माधो सिंह राजा मानसिंह के भाई थे। इतिहास

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अंता किला ( बारां )

अंता किला :- काली सिंध के तट पर बसा ऐतिहासिक प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की अंता तहसील में स्थित यह किला राजस्थान के उन महत्वपूर्ण किलों में से एक है जो मालवा और राजपूताना के व्यापारिक मार्ग की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे। इसका निर्माण मध्यकाल में स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा

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कवाई किला ( बारां )

कवाई किला :- परवन की वादियों में बसा ऐतिहासिक प्रहरी ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) बारां जिले की अटरू तहसील के पास स्थित कवाई किला मध्यकालीन राजस्थान की सुरक्षा पंक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसका निर्माण मुख्य रूप से स्थानीय राजपूत शासकों द्वारा मालवा और राजपूताना के व्यापारिक मार्ग की सुरक्षा के लिए करवाया

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कनवास किला ( कोटा )

कनवास किला :- उजयार और चंबल की धाराओं का रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) कोटा जिले की कनवास तहसील में स्थित यह किला हाड़ौती क्षेत्र के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक रहा है। इसका इतिहास मुख्य रूप से हाड़ा चौहान शासकों के शौर्य से जुड़ा है। कनवास का किला सामरिक दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण

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मनोहर थाना किला ( झालावाड़ )

मनोहर थाना किला :- परवन और कालीखाड़ नदियों का संगम रक्षक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के सुदूर दक्षिण में स्थित मनोहर थाना किला ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। यह किला परवन और कालीखाड़ नदियों के पवित्र संगम पर बना हुआ है। प्राचीन काल में इसे ‘मनोहरगढ़‘ के नाम से

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अक्लेरा किला ( झालावाड़ )

अक्लेरा किला :- हाड़ौती का प्राचीन सैन्य स्तंभ ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) झालावाड़ जिले के अक्लेरा कस्बे में स्थित यह किला मध्यकालीन स्थापत्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह मुख्य रूप से मालवा और राजपूताना के व्यापारिक और सैन्य मार्ग की सुरक्षा के लिए बनाया गया था। इस किले पर विभिन्न समय में स्थानीय

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कुंभलगढ़ किला ( राजसमंद )

कुंभलगढ़ किला :- मेवाड़ की अजेय दीवार राजस्थान के राजसमंद जिले में अरावली की पहाड़ियों पर स्थित कुंभलगढ़ किला मेवाड़ के सबसे महत्वपूर्ण किलों में से एक है। इसे ‘मेवाड़ की आंख‘ भी कहा जाता है और यह अपनी अभेद्य सुरक्षा के लिए जाना जाता है। ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) इस किले का निर्माण 15वीं

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विजय स्तंभ ( चित्तौड़गढ़ दुर्ग )

विजय स्तंभ :- मेवाड़ की जीत और वास्तुकला का शिखर चित्तौड़गढ़ दुर्ग के भीतर स्थित ‘विजय स्तंभ‘ (Victory Tower) को भारतीय मूर्तिकला का ‘विश्वकोश‘ कहा जाता है। यह नौ मंजिला स्तंभ मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य कला की श्रेष्ठता का जीवंत प्रमाण है। ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) विजय स्तंभ का निर्माण मेवाड़ के प्रतापी

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