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माँ कुष्मांडा

विस्तृत जानकारी (Detailed History) माँ कुष्मांडा नवदुर्गा का चौथा स्वरूप हैं और इनकी महिमा अनंत है। ‘कु’ का अर्थ है छोटा, ‘ष्म’ का अर्थ है ऊर्जा और ‘अंडा’ का अर्थ है ब्रह्मांड। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर केवल घना अंधकार छाया हुआ था, तब देवी ने अपनी […]

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माँ चंद्रघंटा

नवरात्रि का तीसरा दिन :- माँ चंद्रघंटा की महिमा ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माँ का यह स्वरूप शांति और कल्याणकारी है। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, जिसके कारण इन्हें ‘चंद्रघंटा‘ कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब असुरों का

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माँ ब्रह्मचारिणी

माँ ब्रह्मचारिणी :- नवदुर्गा का द्वितीय स्वरूप – तप, ज्ञान और अनंत शक्ति की देवी नवरात्रि के पावन उत्सव के दूसरे दिन हम माँ के उस स्वरूप की वंदना करते हैं जिन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हज़ारों वर्षों तक कठिन तपस्या की। ‘ब्रह्म‘ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी‘ का

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नवरात्रि क्यों मनाई जाती है

नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? जानिए इस महापर्व के पीछे की पौराणिक कथाएँ और आध्यात्मिक महत्व :- भारत त्योहारों का देश है और यहाँ हर उत्सव के पीछे कोई न कोई गहरा अर्थ और प्रेरणादायक कहानी छिपी होती है। इन्हीं में से एक सबसे प्रमुख और ऊर्जा से भरपूर महापर्व है—नवरात्रि। ‘नव‘ का अर्थ है

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माँ शैलपुत्री

माँ शैलपुत्री :- नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप – शक्ति, संकल्प और स्थिरता की देवी शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर, हम ‘शक्ति‘ की उपासना की नौ-दिवसीय यात्रा शुरू कर रहे हैं। इस यात्रा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है—माँ शैलपुत्री। माँ दुर्गा के नौ रूपों में प्रथम, माँ शैलपुत्री दृढ़ता, शांति और आधार का

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नवरात्रि के पावन पर्व

नवरात्रि के पावन पर्व पर माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें ‘नवदुर्गा‘ कहा जाता है। ​नवदुर्गा के नौ रूप (विस्तृत जानकारी) माँ दुर्गा के ये नौ रूप शक्ति, ज्ञान और शांति के प्रतीक हैं। ​बनावट का विवरण (Iconography) देवी दुर्गा के इन रूपों को अक्सर सिंह या अन्य वाहनों पर

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श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सकीट (एटा)

श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सकीट (एटा) :- एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित ‘सकीट‘ एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक कस्बा है। यहाँ का श्री दिगम्बर जैन मंदिर न केवल जैन समुदाय की आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए भी जाना जाता है। ​विस्तृत

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गोगामेड़ी धाम, राजस्थान

गोगामेड़ी धाम :- सांपों के देवता और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित गोगामेड़ी एक अत्यंत प्राचीन और सिद्ध धार्मिक स्थल है। यह स्थान लोक देवता गोगाजी (जिन्हें जाहरवीर गोगाजी भी कहा जाता है) की समाधि स्थली है। इतिहास के अनुसार, गोगाजी चौहान वंश के राजपूत राजा

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नवीन उप मंडी स्थल कुरावली (मैनपुरी)

कुरावली मंडी :- मैनपुरी जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र ​विस्तृत जानकारी (Detailed History) उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में स्थित कुरावली न केवल एक ऐतिहासिक तहसील है, बल्कि यह अपने विशाल कृषि व्यापार के लिए भी प्रसिद्ध है। कुरावली मंडी क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। दशकों से

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फतेहपुर सीकरी यात्रा से पहले जान लें ये जरूरी समय और नियम

फतेहपुर सीकरी किला सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है। इसके खुलने और बंद होने का समय इस प्रकार है। विशेष सुझाव :– फतेहपुर सीकरी घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है जब धूप कम होती है और आप शांति से यहाँ की वास्तुकला जैसे बुलंद दरवाजा, जामा मस्जिद और पंच महल का

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