Uncategorized

वन्दे भारत एक्सप्रेस

विस्तृत जानकारी (Detailed History) वन्दे भारत एक्सप्रेस, जिसे ‘ट्रेन 18‘ के नाम से भी जाना जाता है, भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है। इसका निर्माण चेन्नई स्थित ‘इंटीग्रल कोच फैक्ट्री‘ (ICF) में ‘मेक इन इंडिया‘ अभियान के तहत किया गया। पहली वन्दे भारत एक्सप्रेस को 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली और वाराणसी […]

वन्दे भारत एक्सप्रेस Read More »

ट्रेडिंग क्या है

विस्तृत जानकारी (Detailed History) ट्रेडिंग का इतिहास उतना ही पुराना है जितना कि मानव सभ्यता का व्यापार। प्राचीन काल में इसे ‘वस्तु विनिमय‘ (Barter System) के रूप में जाना जाता था। आधुनिक वित्तीय ट्रेडिंग की शुरुआत 1602 में हुई जब ‘डच ईस्ट इंडिया कंपनी‘ ने दुनिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज एम्स्टर्डम में स्थापित किया। भारत

ट्रेडिंग क्या है Read More »

नंदा झील (गोवा)

विस्तृत जानकारी (Detailed History) नंदा झील का महत्व केवल इसके जल स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गोवा के “पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़” मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, क्यूपेम के स्थानीय निवासी इस झील को एक पवित्र जल स्रोत के रूप में देखते आए हैं। इसे रामसर साइट का दर्जा मिलने के पीछे

नंदा झील (गोवा) Read More »

जय माँ कुष्मांडा

नवरात्रि का चौथा दिन :- माँ कुष्मांडा की दिव्य मुस्कान और सृष्टि की उत्पत्ति ​नमस्ते पाठकों, अपने बिस्तर के आरामदेह कोने से नवरात्रि के चौथे दिन की आध्यात्मिक ऊर्जा को महसूस करने के लिए आपका स्वागत है। उम्मीद है कि आप अपने पसंदीदा पेय (शायद अदरक वाली चाय?) के साथ आराम से बैठे हैं और

जय माँ कुष्मांडा Read More »

विजयादशमी

विस्तृत जानकारी (Detailed History) आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी या दशहरा का त्यौहार पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसका इतिहास दो प्रमुख पौराणिक घटनाओं से जुड़ा है। पहली घटना भगवान श्री राम से संबंधित है, जिन्होंने इसी दिन अहंकारी राक्षस राज रावण का वध कर माता

विजयादशमी Read More »

माँ सिद्धिदात्री

विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट है, ‘सिद्धि‘ का अर्थ है अलौकिक शक्ति और ‘दात्री‘ का अर्थ है देने वाली। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने इन्हीं देवी की कठिन तपस्या करके आठों सिद्धियाँ प्राप्त की

माँ सिद्धिदात्री Read More »

माँ महागौरी

विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है, जिसे ‘अष्टमी‘ भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। हजारों वर्षों की तपस्या के कारण उनका शरीर काला पड़ गया था। जब भगवान

माँ महागौरी Read More »

माँ कालरात्रि

विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। माँ दुर्गा का यह सातवां स्वरूप अत्यंत भयानक और विकराल दिखाई देता है, लेकिन इनका हृदय भक्तवत्सल है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज जैसे राक्षसों ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था, तब देवताओं की रक्षा

माँ कालरात्रि Read More »

माँ कात्यायनी

​विस्तृत जानकारी (Detailed History) नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने भगवती जगदम्बा की कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी कि माँ दुर्गा उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। माँ ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और उनके घर जन्म लिया, जिसके

माँ कात्यायनी Read More »

माँ स्कन्दमाता

विस्तृत जानकारी :- माँ दुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जाना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र ‘कार्तिकेय‘ का एक नाम ‘स्कन्द‘ भी है। स्कन्द (कार्तिकेय) की माता होने के कारण ही इन्हें ‘स्कन्दमाता‘ कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब तारकासुर नामक राक्षस का अत्याचार बहुत बढ़

माँ स्कन्दमाता Read More »

Enable Notifications OK No thanks