
विस्तृत जानकारी (Detailed History)
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार (सुरहा ताल) की स्थापना 1991 में हुई थी। 34.32 वर्ग किमी में फैली इस प्राकृतिक झील का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर रखा गया है। यह स्थान सर्दियों में आने वाले विदेशी प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है।
बनावट का विवरण (Detailed Architecture) :-
यह एक विशाल प्राकृतिक गोखुर झील है। इसकी बाहरी बनावट हरे-भरे खेतों और प्राकृतिक रास्तों से सजी है, जहाँ पर्यटकों के लिए वॉच टावर बने हैं। इसकी आंतरिक बनावट में उथला पानी, जलीय वनस्पतियां और कमल के फूल शामिल हैं, जो पक्षियों के रहने और भोजन के लिए अनुकूल हैं।
यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes) :-
- टिकट व समय :– प्रवेश शुल्क नाममात्र (₹20-₹30) है। घूमने का समय सुबह 6:00 से शाम 5:00 बजे तक है।
- मार्ग :– बलिया रेलवे स्टेशन से यह लगभग 17 किमी दूर है। सड़क मार्ग द्वारा वाराणसी और गोरखपुर से अच्छी कनेक्टिविटी है।
- स्पॉट्स व स्वाद :– वॉच टावर और झील का किनारा फोटोग्राफी के लिए बेस्ट हैं। यहाँ का ‘बाटी-चोखा’ स्थानीय स्वाद में बेहद प्रसिद्ध है।
- बाज़ार :– बलिया का चौक बाज़ार खरीदारी के लिए अच्छा विकल्प है।
रोचक तथ्य (Interesting Facts) :-
- यहाँ साइबेरिया और मध्य एशिया से दुर्लभ पक्षी आते हैं।
- यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झीलों में से एक है।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:- सुरहा ताल पक्षी विहार का नया नाम क्या है?
उत्तर:- इसका नया नाम जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार है।
