
नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक, दिल्ली :- भारत सरकार की शक्ति और शासन का मुख्य केंद्र
विस्तृत जानकारी (Detailed History) :-
नई दिल्ली के रायसीना हिल (Raisina Hill) पर स्थित नॉर्थ ब्लॉक (North Block) और साउथ ब्लॉक (South Block) भारत सरकार के प्रशासनिक कामकाज की रीढ़ हैं। इन दोनों इमारतों का निर्माण ब्रिटिश काल के दौरान नई दिल्ली को भारत की नई राजधानी बनाने के विशाल प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में किया गया था। इनका डिज़ाइन प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस (Sir Edwin Lutyens) और सर हरबर्ट बेकर (Sir Herbert Baker) द्वारा तैयार किया गया था, जिसमें साउथ और नॉर्थ ब्लॉक की मुख्य जिम्मेदारी मुख्य रूप से हरबर्ट बेकर की थी। इन इमारतों का निर्माण कार्य 1911 में शुरू हुआ और यह 1930 के दशक की शुरुआत में पूरी तरह बनकर तैयार हुईं।
ऐतिहासिक रूप से, स्वतंत्रता से पहले इन्हें ‘सचिवालय इमारतें’ (Secretariat Buildings) कहा जाता था। आज, ये इमारतें भारत की संप्रभुता, राजनैतिक शक्ति और लोकतांत्रिक शासन का सबसे बड़ा प्रतीक हैं। यहाँ से देश के सबसे महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाते हैं। नॉर्थ ब्लॉक में मुख्य रूप से गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के कार्यालय हैं, जबकि साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) और विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) स्थित हैं।
बनावट का विवरण (Detailed Architecture) :-
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की वास्तुकला शास्त्रीय यूरोपीय (Classical European) और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य कला का एक बेजोड़ और भव्य मिश्रण है, जिसे ‘लुटियंस दिल्ली शैली’ भी कहा जाता है।
- सामग्री और रंग :– इन दोनों विशाल चार मंजिला इमारतों के निर्माण में मुख्य रूप से धौलपुर के लाल और मखमली क्रीमी बलुआ पत्थरों (Red and Cream Sandstone) का उपयोग किया गया है, जो इन्हें एक शाही और गंभीर रूप देता है।
- भारतीय वास्तुकला के तत्व :– इमारतों की बनावट में मुग़ल और राजपूत शैली के झरोखे, छतरियां, जालियां और विशाल गुंबद शामिल किए गए हैं। दोनों ब्लॉकों के बीच की चौड़ी सड़क (राजपथ/कर्तव्य पथ) सीधे राष्ट्रपति भवन की ओर जाती है। इन इमारतों के मुख्य द्वारों पर बने विशाल खंभे और उनके ऊपर बने नक्काशीदार गुंबद (Domes) इनकी भव्यता में चार चांद लगाते हैं। इमारतों के भीतर बने चौड़े गलियारे, ऊंचे मेहराब और विशाल प्रांगण (Courtyards) इसकी प्रशासनिक वास्तुकला की विशालता को दर्शाते हैं।
यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes) :-
- समय और प्रवेश :– चूंकि ये भारत सरकार के सबसे संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले प्रशासनिक कार्यालय हैं, इसलिए आम जनता और पर्यटकों को इन इमारतों के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है। यहाँ केवल सरकारी अधिकारियों और विशेष पास धारकों को ही प्रवेश मिलता है। हालाँकि, पर्यटक बाहर से यानी ‘कर्तव्य पथ’ (पुराना नाम राजपथ) और विजय चौक से इन इमारतों की अद्भुत बाहरी वास्तुकला को देख सकते हैं। बाहर से देखने के लिए कोई समय सीमा या टिकट नहीं है, यह 24 घंटे खुला रहता है। शाम के समय जब ये इमारतें रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाती हैं, तब इनका नजारा देखने लायक होता है।
- पहुँचने का मार्ग :–
- मेट्रो मार्ग :– दिल्ली मेट्रो की ‘येलो लाइन’ (Yellow Line) और ‘वॉइलेट लाइन’ (Violet Line) पर स्थित ‘केंद्रीय सचिवालय’ (Central Secretariat) मेट्रो स्टेशन यहाँ का सबसे नजदीकी स्टेशन है। मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते ही आप सीधे विजय चौक और इन दोनों ब्लॉकों के पास पहुँच सकते हैं।
- सड़क मार्ग :– यह क्षेत्र दिल्ली के केंद्र में स्थित है और शहर के हर हिस्से से सड़क मार्ग द्वारा बेहद शानदार तरीके से जुड़ा हुआ है। आप ऑटो, ई-रिक्शा, कैब या डीटीसी बसों के ज़रिए सीधे विजय चौक या इंडिया गेट पहुँचकर यहाँ वॉक कर सकते हैं।
- फोटोग्राफी स्पॉट्स :– विजय चौक से राष्ट्रपति भवन की ओर देखते हुए नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को एक ही फ्रेम में लेना दिल्ली की सबसे प्रतिष्ठित तस्वीरों में से एक है। वीकेंड की शाम को जब यहाँ की इमारतों पर ‘लाइट एंड साउंड शो’ या डायनेमिक लाइटिंग होती है, तो वह समय फोटोग्राफी के लिए सबसे उत्तम होता है।
- स्थानीय स्वाद और प्रसिद्ध बाज़ार :– इसके सबसे नज़दीक कनॉट प्लेस (CP) और खान मार्केट हैं, जहाँ आपको भारत और दुनिया भर के व्यंजनों का बेहतरीन स्वाद मिलेगा। खान-पान के शौकीनों के लिए यहाँ के पास स्थित पंडारा रोड के रेस्तरां भी काफी मशहूर हैं।
आसपास के आकर्षण बिंदु (Nearby Attractions) :-
- राष्ट्रपति भवन :– नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के बिल्कुल मध्य से आगे बढ़ने पर भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास स्थान स्थित है।
- नया संसद भवन (New Parliament House) :– इन दोनों ब्लॉकों के बिल्कुल पास ही भारत का नया और आधुनिक संसद भवन स्थित है।
- इंडिया गेट और कर्तव्य पथ :– यहाँ से सीधे दिखने वाला कर्तव्य पथ आपको सीधे ऐतिहासिक इंडिया गेट और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) तक ले जाता है।
दिलचस्प तथ्य (Interesting Facts) :-
- चार देशों के स्तंभ (Dominion Columns) :– नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के सामने विजय चौक पर चार विशाल स्तंभ (कॉलम) खड़े हैं, जिन्हें ब्रिटिश काल के दौरान चार ब्रिटिश उपनिवेशों – कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड द्वारा उपहार स्वरूप दिया गया था।
- साम्राज्यवादी वास्तुकला का अंत :– हरबर्ट बेकर ने इन इमारतों को इस तरह डिज़ाइन किया था कि ये भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के स्थायित्व और शक्ति को प्रदर्शित करें, लेकिन आज यही इमारतें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के संचालन का केंद्र हैं।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:– नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में कौन-कौन से मुख्य सरकारी मंत्रालय स्थित हैं?
उत्तर:- नॉर्थ ब्लॉक में गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय स्थित हैं, जबकि साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के कार्यालय स्थित हैं।
प्रश्न 2:- क्या पर्यटक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के अंदर जा सकते हैं?
उत्तर:- नहीं, सुरक्षा कारणों से आम नागरिकों और पर्यटकों का इमारतों के अंदर जाना प्रतिबंधित है। पर्यटक केवल बाहर विजय चौक और कर्तव्य पथ से ही इनकी भव्यता का आनंद ले सकते हैं।
लेखक के विचार (Author’s Thoughts) :-
लुटियंस दिल्ली की शान, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, सिर्फ कंक्रीट और पत्थरों से बनी इमारतें नहीं हैं। जब आप शाम के समय विजय चौक पर खड़े होकर इन दोनों इमारतों के बीच से ढलते हुए सूरज और राष्ट्रपति भवन की भव्यता को देखते हैं, तो आपको देश की लोकतांत्रिक ताकत का अहसास होता है। दिल्ली आने वाले हर यात्री को एक बार शाम के समय यहाँ की भव्य लाइटिंग और शांत वातावरण को महसूस करने ज़रूर आना चाहिए।
“रायसीना हिल की ऊंचाइयों पर लाल बलुआ पत्थरों से तराशा गया नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, आज भारतीय लोकतंत्र की धड़कन और राष्ट्र के गौरव का सबसे बड़ा प्रतीक है।”
