
सुंदर नर्सरी, दिल्ली :- प्रकृति, इतिहास और शांति का अनूठा संगम
दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अगर आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ पक्षियों की चहचहाहट हो, मुग़लकालीन भव्य इमारतें हों और चारों तरफ हरियाली की चादर बिछी हो, तो सुंदर नर्सरी (Sundar Nursery) आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह है। हुमायूँ के मकबरे के ठीक बगल में स्थित यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) न केवल एक ऐतिहासिक उद्यान है, बल्कि दिल्ली का पहला ‘आर्बोरिटम‘ (Arboretum – वनस्पतियों का अनूठा संग्रह) भी है। आइए, इस खूबसूरत जगह की गहराई से सैर करते हैं।
विस्तृत जानकारी (Detailed History)
सुंदर नर्सरी का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है, जो मुग़ल काल से जुड़ा हुआ है। 16वीं शताब्दी में इस क्षेत्र को ‘अज़ीम बाग़’ के नाम से जाना जाता था। यहाँ कई मुग़लकालीन इमारतें, मकबरे और उद्यान थे जो समय के साथ ढहने लगे।
20वीं शताब्दी की शुरुआत में, जब ब्रिटिश सरकार ने कलकत्ता (अब कोलकाता) से राजधानी को दिल्ली स्थानांतरित करने का फैसला किया, तो नई दिल्ली के निर्माण के लिए लाखों पौधों और पेड़ों की आवश्यकता पड़ी। साल 1913 में, ब्रिटिश वास्तुकार ए.डी. मस्टो (A.D. Musto) ने नई दिल्ली के रास्तों को हरा-भरा बनाने और शाही पौधों को उगाने के लिए इस जगह को एक नर्सरी के रूप में विकसित किया। इसका नाम यहाँ मौजूद ‘सुंदर बुर्ज‘ नाम के एक खूबसूरत मुग़ल स्मारक के नाम पर सुंदर नर्सरी पड़ा।
लंबे समय तक उपेक्षित रहने के बाद, साल 2007 में आगा ख़ान ट्रस्ट फॉर कल्चर (AKTC), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और दिल्ली नगर निगम ने मिलकर इसके जीर्णोद्धार (Restoration) का काम शुरू किया। 10 साल की कड़ी मेहनत के बाद, 2018 में इसे एक विश्व स्तरीय हेरिटेज पार्क के रूप में जनता के लिए खोल दिया गया। साल 2018 में ही ‘टाइम पत्रिका‘ ने इसे दुनिया के 100 सबसे बेहतरीन स्थानों की सूची में शामिल किया था।
बनावट का विवरण (Detailed Architecture)
लगभग 90 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैली सुंदर नर्सरी की बनावट मुग़ल वास्तुकला और आधुनिक लैंडस्केपिंग का एक बेजोड़ नमूना है। पूरे पार्क को एक केंद्रीय धुरी (Central Axis) के आधार पर डिज़ाइन किया गया है, जो पारंपरिक मुग़ल ‘चारबाग़’ शैली की याद दिलाता है।
- ऐतिहासिक स्मारक :– इस परिसर के भीतर 6 यूनेस्को विश्व धरोहर स्मारक स्थित हैं। इनमें सुंदर बुर्ज और सुंदर वाला महल सबसे प्रमुख हैं। इन इमारतों की दीवारों पर की गई अरबी नक्काशी, जटिल प्लास्टर का काम और उनके गुंबद मुग़लकालीन स्थापत्य कला की भव्यता को दर्शाते हैं। इसके अलावा यहाँ ‘लक्कड़वाला बुर्ज’ और ‘मिर्ज़ा मुज़फ्फर हुसैन का मकबरा’ भी स्थित हैं।
- आंतरिक बनावट :– पार्क के अंदरूनी हिस्से में सुंदर संगमरमर के फव्वारे, ज्यामितीय आकृतियों में बने पानी के तालाब (Water Channels) और बैठने के लिए बलुआ पत्थर (Sandstone) से बने सुंदर बेंच हैं।
- बाहरी बनावट और प्राकृतिक संपदा :– पार्क के बाहरी और मध्य हिस्से में एक विशाल कृत्रिम झील बनाई गई है, जो यहाँ के माहौल को और भी शांत बनाती है। यहाँ 300 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों के पेड़, 80 से अधिक प्रजातियों के पक्षी और 60 से अधिक प्रजातियों की तितलियाँ पाई जाती हैं। यहाँ एक ‘बोनसाई हाउस’ और ‘एम्फीथिएटर‘ (Amphitheatre) भी बनाया गया है।
यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes)
सुंदर नर्सरी की यात्रा को आसान बनाने के लिए यहाँ सभी आवश्यक जानकारियां एक क्रम में दी गई हैं।
- खुलने का समय (Opening Times) :– यह पार्क साल के 365 दिन खुला रहता है।
- गर्मियों में :– सुबह 06:00 बजे से रात 09:00 बजे तक (अंतिम प्रवेश रात 08:30 बजे)
- सर्दियों में :– सुबह 07:00 बजे से रात 10:00 बजे तक (अंतिम प्रवेश रात 09:30 बजे)
- टिकट की कीमत (Ticket Prices) :–
- भारतीय नागरिक :– ₹50 प्रति व्यक्ति
- वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) :– ₹25 प्रति व्यक्ति
- बच्चे (5 से 12 वर्ष) :– ₹25 प्रति व्यक्ति (5 वर्ष से कम बच्चों का टिकट निःशुल्क है)
- विदेशी पर्यटक :– ₹200 प्रति व्यक्ति
- पहुँचने का मार्ग (How to Reach) :–
- मेट्रो द्वारा :– सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन जएलएन स्टेडियम (JLN Stadium) है जो बैंगनी रेखा (Violet Line) पर है। यहाँ से सुंदर नर्सरी की दूरी लगभग 1-1.5 किमी है, जिसे आप ऑटो या पैदल तय कर सकते हैं। दूसरा विकल्प लाजपत नगर या हज़रत निज़ामुद्दीन मेट्रो स्टेशन (Pink Line) हैं।
- सड़क मार्ग/बस द्वारा :– यह पार्क मथुरा रोड पर हुमायूँ के मकबरे के पास स्थित है। आप दिल्ली के किसी भी हिस्से से ऑटो, टैक्सी या डीटीसी बस (हज़रत निज़ामुद्दीन बस स्टॉप) के जरिए यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं।
- रेलवे स्टेशन :– सबसे पास हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन है, जो यहाँ से मात्र 1 किमी की दूरी पर है।
- फोटोग्राफी स्पॉट्स (Photography Spots) :–
- सुंदर बुर्ज के सामने का फव्वारा :– यहाँ पानी के रिफ्लेक्शन के साथ स्मारक की बेहतरीन तस्वीर आती है।
- केंद्रीय झील (The Central Lake) :– सूर्यास्त के समय यहाँ की लाइटिंग और पानी का नजारा अद्भुत होता है।
- बोनसाई गार्डन और ट्री एवेन्यू :– प्रकृति प्रेमियों और रील्स/पोर्ट्रेट्स बनाने के लिए यह सबसे अच्छी जगह है।
- स्थानीय स्वाद (Local Flavors) :– सुंदर नर्सरी के अंदर प्रसिद्ध ‘फैबकैफे’ (Fabcafe by the Lake) स्थित है, जहाँ आप झील के किनारे बैठकर स्वादिष्ट और स्वस्थ भारतीय भोजन (जैसे रागी मटन कटलेट, सिंघाड़े के आटे का समोसा और मसाला चाय) का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा वीकेंड पर यहाँ कई छोटे फूड स्टॉल्स भी लगते हैं।
- प्रसिद्ध बाज़ार (Famous Nearby Markets) :– सुंदर नर्सरी घूमने के बाद आप पास के भोगल मार्केट, लाजपत नगर (सेंट्रल मार्केट) या खान मार्केट जा सकते हैं, जो शॉपिंग और स्ट्रीट फूड के लिए बेहद मशहूर हैं।
आसपास के आकर्षण बिंदु (Nearby Attractions)
सुंदर नर्सरी के ठीक आसपास कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल हैं, जिन्हें आप एक ही दिन में देख सकते हैं:
- हुमायूँ का मकबरा (Humayun’s Tomb) :– सुंदर नर्सरी की दीवार हुमायूँ के मकबरे से सटी हुई है। यह मुग़ल वास्तुकला का एक अद्भुत रत्न है, जिससे प्रेरित होकर ताजमहल बनाया गया था।
- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह (Hazrat Nizamuddin Dargah) :– यहाँ से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित यह प्रसिद्ध सूफी दरगाह है, जहाँ हर गुरुवार और शुक्रवार शाम को होने वाली कव्वाली आत्मा को शांति देती है।
- वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to Wonder Park) :– सराय काले खां के पास स्थित इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों के प्रतिरूप (Replicas) कचरे और स्क्रैप से बनाए गए हैं।
- लोधी गार्डन (Lodhi Garden) :– लगभग 3-4 किमी की दूरी पर स्थित यह एक और खूबसूरत ऐतिहासिक पार्क है जहाँ सैय्यद और लोधी वंश के मकबरे हैं।
रोचक तथ्य (Interesting Facts)
- दिल्ली का पहला आर्बोरिटम :– सुंदर नर्सरी में 300 से अधिक प्रकार के पेड़ हैं, जिनमें से कई पेड़ दिल्ली में और कहीं नहीं पाए जाते। यह दिल्ली का पहला आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त आर्बोरिटम है।
- पक्षियों का स्वर्ग :– यहाँ पक्षियों की 80 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जो इसे दिल्ली के बर्डवॉचर्स (Birdwatchers) के लिए एक गुप्त खजाना बनाती हैं।
- सांस्कृतिक केंद्र :– यहाँ नियमित रूप से ‘संडे फार्मर्स मार्केट’ (Sunday Farmers Market) लगता है, जहाँ जैविक (Organic) उत्पाद मिलते हैं। इसके अलावा यहाँ अक्सर क्लासिकल म्यूजिक कन्सर्ट और थिएटर नाटक भी होते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय सम्मान :– वर्ष 2020 में, यूनेस्को ने सुंदर नर्सरी को इसके बेहतरीन जीर्णोद्धार के लिए ‘पुरस्कार ऑफ एक्सीलेंस’ (Award of Excellence) से सम्मानित किया था।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-
प्रश्न 1:– क्या सुंदर नर्सरी के अंदर बाहर का खाना ले जाने की अनुमति है?
उत्तर:– हाँ, सुंदर नर्सरी दिल्ली के कुछ ऐसे पार्कों में से एक है जहाँ आप अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए घर का बना खाना और चटाई (Mat) ले जा सकते हैं। हालाँकि, वहाँ प्लास्टिक कचरा फैलाना सख्त मना है।
प्रश्न 2:– सुंदर नर्सरी घूमने के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?
उत्तर:– सुंदर नर्सरी घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च (सर्दियों का मौसम) का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है। दिन के समय सुबह या देर शाम का वक्त यहाँ की शांति और ठंडी हवा का आनंद लेने के लिए सबसे अच्छा है।
प्रश्न 3:– क्या पार्क के अंदर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर:– हाँ, सुंदर नर्सरी के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही एक विशाल सशुल्क (Paid) पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ आप दोपहिया और चारपहिया वाहन सुरक्षित पार्क कर सकते हैं।
लेखक के विचार (Author’s Thoughts)
मेरे विचार से, सुंदर नर्सरी सिर्फ एक पार्क या नर्सरी नहीं है, बल्कि यह दिल्ली के कंक्रीट के जंगलों के बीच सांस लेने वाली एक ‘हरी तिजोरी‘ है। जिस तरह से इतिहास और आधुनिक पर्यावरण संरक्षण को एक धागे में पिरोया गया है, वह वास्तव में काबिले तारीफ है। यदि आप दिल्ली की भीड़भाड़, शोर और ट्रैफिक से दूर कुछ घंटे शांति से बिताना चाहते हैं, अपनी पसंदीदा किताब पढ़ना चाहते हैं या परिवार के साथ एक खुशनुमा पिकनिक मनाना चाहते हैं, तो सुंदर नर्सरी से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। यह जगह आपको इतिहास की गहराई भी देती है और प्रकृति की गोद सा सुकून भी।
“इतिहास की छाँव और प्रकृति की गोद का वह हसीन ठिकाना, जहाँ दिल्ली ठहरकर सुकून से सांस लेती है – वही है सुंदर नर्सरी।”
