प्रगति मैदान टनल, दिल्ली

आधुनिकता, कला और रफ्तार का बेजोड़ भूमिगत सफर

प्रगति मैदान टनल, दिल्ली :- आधुनिकता, कला और रफ्तार का बेजोड़ भूमिगत सफर

दिल्ली जैसे महानगर में जहां ट्रैफिक और जाम एक आम समस्या बन चुके हैं, वहां प्रगति मैदान टनल (Pragati Maidan Tunnel) आधुनिक इंजीनियरिंग, समय की बचत और कलात्मक सौंदर्य का एक अद्भुत उदाहरण बनकर उभरी है। यह टनल दिल्ली की पहली स्मार्ट और सबसे लंबी सड़क सुरंग है जो न केवल सफर को आसान बनाती है, बल्कि इसके अंदर कदम रखते ही ऐसा लगता है मानो आप किसी आलीशान आर्ट गैलरी में प्रवेश कर गए हों। भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के पुनर्विकसित परिसर (भारत मंडपम) के ठीक नीचे से गुजरने वाला यह कॉरिडोर दिल्ली का गौरव है।

​विस्तृत जानकारी (Detailed History)

​प्रगति मैदान एकीकृत पारगमन गलियारा परियोजना (Pragati Maidan Integrated Transit Corridor Project) के तहत इस टनल का निर्माण किया गया है।

  • शुरुआत और उद्देश्य :– इस टनल के निर्माण कार्य की शुरुआत मार्च 2018 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य मध्य दिल्ली (सेंट्रल दिल्ली) को पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल के जोड़ना और कुख्यात ‘आईटीओ (ITO) जाम’ व ‘भैरों मार्ग’ के ट्रैफिक को खत्म करना था।
  • बजट और उद्घाटन :– इस टनल को बनाने में लगभग ₹920 करोड़ का खर्च आया, जिसे पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित (Funded) किया गया था। कोविड-19 महामारी और कई अन्य तकनीकी चुनौतियों के कारण कुल 5 डेडलाइन मिस करने के बाद, आखिरकार 19 जून 2022 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका भव्य उद्घाटन किया।
  • पर्यावरणीय लाभ :– उद्घाटन के समय यह अनुमान लगाया गया था कि इस टनल और इसके साथ बने अंडरपासों के कारण प्रतिदिन लगभग 55 लाख लीटर ईंधन (फ्यूल) की बचत होगी, जो पर्यावरण को स्वच्छ रखने और दिल्ली के प्रदूषण को कम करने में एक बड़ा कदम है।

​बनावट का विवरण (Detailed Architecture)

​प्रगति मैदान टनल आधुनिक वास्तुकला और तकनीकी कौशल का एक चमत्कार है। करीब 1.3 किलोमीटर लंबी यह सुरंग अत्याधुनिक सुरक्षा और कला से सुसज्जित है।

  • मुख्य ढांचा और आंतरिक बनावट :– यह एक 6-लेन की टनल है (दोनों तरफ 3-3 लेन का कैरिजवे)। यह टनल नेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ऑफ इंडिया (NSCI) के पास पुराना किला रोड से शुरू होती है और प्रगति मैदान के नीचे से गुजरते हुए सीधे रिंग रोड पर प्रगति पावर स्टेशन के पास समाप्त होती है। यह टनल ऊपर से गुजरने वाली 7 रेलवे लाइनों के नीचे से बेहद सावधानीपूर्वक बनाई गई है। इसके आंतरिक हिस्से में एक रास्ता सीधे प्रगति मैदान (भारत मंडपम) की विशाल अंडरग्राउंड पार्किंग से भी जुड़ता है।
  • कलात्मक भित्तिचित्र (Amazing Murals) :– टनल की आंतरिक दीवारों पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उकेरा गया है। यहाँ कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैले भारत के विभिन्न त्योहारों, ऋतुओं (छह ऋतुएं), अद्वितीय लोक कलाओं और भारतीय पक्षियों की विशाल भित्तिचित्र (Murals) और पेंटिंग्स बनाई गई हैं। रात की रंग-बिरंगी लाइटिंग के साथ ये पेंटिंग्स टनल को एक जादुई लुक देती हैं।
  • बाहरी बनावट और सुरक्षा तकनीकी :– टनल के प्रवेश और निकास द्वारों को बहुत ही आधुनिक लुक दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से यह पूरी तरह से डिजिटल कंट्रोल रूम से संचालित होती है। सुरंग के अंदर वेंटिलेशन के लिए विशेष रूप से जर्मनी से मंगाए गए एग्जॉस्ट पंखे (Exhaust Fans) लगाए गए हैं। बारिश के दिनों में जलभराव (Waterlogging) को रोकने के लिए टनल के अंदर 7 भूमिगत स्वचालित संप (Underground Sumps/Water Pumps) बनाए गए हैं, जो पानी को तुरंत बाहर फेंक देते हैं।

​यात्रा संबंधी जानकारी और पहुँचने का मार्ग (Travel Guide & Routes)

प्रगति मैदान टनल मुख्य रूप से एक यातायात गलियारा (Transit Corridor) है, लेकिन यदि आप इसके दीदार के लिए या यहाँ से गुजरना चाहते हैं, तो इसकी क्रमवार जानकारी निम्नलिखित है।

  • खुलने का समय (Opening Times) :
    • ​यह टनल आम वाहनों के लिए सुबह 06:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुली रहती है।
    • विशेष नोट:– टनल के रखरखाव (Maintenance) और सफाई के लिए इसे देर रात से सुबह तक बंद रखा जाता है। शुरुआत में प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया था कि रविवार को कुछ घंटों के लिए इसे वाहनों के लिए बंद कर स्कूली बच्चों के लिए एक एजुकेशनल आर्ट टूर के रूप में खोला जाए।
  • टिकट की कीमत (Ticket Prices) :– इस टनल से गुजरने के लिए कोई टोल टैक्स या टिकट नहीं लगता है। यह जनता के लिए बिल्कुल निःशुल्क (Free) है।
  • पहुँचने का मार्ग (How to Reach & Route) :
    • सेंट्रल दिल्ली से प्रवेश :– यदि आप इंडिया गेट या सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आ रहे हैं, तो पुराना किला रोड (NSCI के पास) से टनल में प्रवेश कर सकते हैं।
    • नोएडा/गाजियाबाद/पूर्वी दिल्ली से प्रवेश :– यदि आप रिंग रोड या सराय काले खां की तरफ से आ रहे हैं, तो प्रगति पावर स्टेशन के पास बने एंट्री पॉइंट से टनल के अंदर जा सकते हैं।
    • नजदीकी मेट्रो स्टेशन :– यहाँ का सबसे पास का मेट्रो स्टेशन सुप्रीम कोर्ट (पहले प्रगति मैदान) मेट्रो स्टेशन है जो ब्लू लाइन पर स्थित है।
  • फोटोग्राफी स्पॉट्स (Photography Spots) :– चूंकि यह एक चालू और भारी ट्रैफिक वाली टनल है, इसलिए सुरक्षा नियमों के तहत टनल के अंदर गाड़ी रोकना या पैदल चलना सख्त मना है और ऐसा करने पर भारी चालान हो सकता है। आप अपनी गाड़ी की सह-यात्री सीट (Co-passenger seat) पर बैठकर इसके खूबसूरत भित्तिचित्रों का वीडियो या स्लो-मोशन शॉट ले सकते हैं। टनल के बाहर बने एंट्री और एग्जिट आर्किटेक्चर के पास सुरक्षित दूरी से तस्वीरें ली जा सकती हैं।
  • स्थानीय स्वाद (Local Flavors) :– टनल पार करने के बाद आप मटका पीर के पास मशहूर ‘बाबू शाही बावर्ची’ के कबाब और बिरयानी का स्वाद ले सकते हैं या फिर पास ही काका नगर और खान मार्केट के शानदार कैफे का आनंद ले सकते हैं।
  • प्रसिद्ध बाज़ार (Famous Nearby Markets) :– इसके सबसे नजदीक खान मार्केट (दिल्ली का सबसे प्रीमियम मार्केट) और बंगाली मार्केट हैं, जो खाने-पीने और शॉपिंग के लिए बेहद प्रसिद्ध हैं।

​आसपास के आकर्षण बिंदु (Nearby Attractions)

यदि आप प्रगति मैदान टनल देखने जा रहे हैं, तो आप इसके आसपास स्थित इन बेहतरीन जगहों पर भी घूम सकते हैं।

  1. भारत मंडपम (Pragati Maidan Exhibition Centre) :– टनल के ठीक ऊपर स्थित यह विश्व स्तरीय कन्वेंशन सेंटर है, जहां G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ था। इसका आर्किटेक्चर देखने लायक है।
  2. पुराना किला (Purana Qila) :– टनल के शुरुआती बिंदु के ठीक सामने स्थित यह दिल्ली का एक ऐतिहासिक और बेहद खूबसूरत किला है, जहां आप बोटिंग और लाइट एंड साउंड शो का आनंद ले सकते हैं।
  3. राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (Delhi Zoo) :– पुराना किला के ठीक बगल में स्थित दिल्ली का प्रसिद्ध चिड़ियाघर बच्चों और परिवारों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है।
  4. सुप्रीम कोर्ट संग्रहालय (Supreme Court Museum) :– टनल के पास ही स्थित इस संग्रहालय में भारतीय कानूनी इतिहास की झलक देखी जा सकती है।
  5. नैशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम (National Crafts Museum) :– भैरॉं मार्ग पर स्थित यह जगह भारतीय हस्तशिल्प और ग्रामीण कला को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाती है।

​रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • 7 रेलवे ट्रैकों के नीचे :– इस टनल का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा वह था, जहां व्यस्त दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग की 7 पटरियों के ठीक नीचे से बिना रेल यातायात को रोके इस सुरंग को खोदा गया था।
  • 15 मिनट की बचत :– इस टनल के शुरू होने से पहले यात्रियों को रिंग रोड से इंडिया गेट जाने के लिए कम से कम 15 से 20 मिनट जाम में बिताने पड़ते थे, अब यह दूरी मात्र 1 से 2 मिनट में तय हो जाती है।
  • सड़क पर बनी कला दीर्घा :– इस टनल के अंदर बनी पेंटिंग्स की कुल लंबाई को मिलाकर इसे भारत की सबसे लंबी भूमिगत आर्ट गैलरी (Underground Art Gallery) भी कहा जाता है।
  • स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम :– टनल में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं जो पानी की एक बूंद भी जमा होते ही ऑटोमैटिक पंपों को चालू कर देते हैं, जिससे मानसून में भी यह टनल सुरक्षित रहती है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-

प्रश्न 1: क्या प्रगति मैदान टनल के अंदर दोपहिया वाहनों (Two-Wheelers) को जाने की अनुमति है?

उत्तर:– हाँ, इस टनल के अंदर कार, ऑटो और दोपहिया वाहनों सहित सभी हल्के वाहनों को जाने की अनुमति है। हालाँकि, भारी वाणिज्यिक वाहनों (Heavy Commercial Vehicles) का प्रवेश यहाँ प्रतिबंधित है।

प्रश्न 2:- क्या टनल के अंदर पैदल चलकर पेंटिंग्स देखी जा सकती हैं?

उत्तर:– बिल्कुल नहीं। सुरक्षा कारणों और तेज रफ्तार ट्रैफिक की वजह से टनल के अंदर पैदल चलना या गाड़ी से उतरना सख्त मना है। पूरी टनल में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है और नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया जाता है।

प्रश्न 3:- क्या यह टनल 24 घंटे खुली रहती है?

उत्तर:– नहीं, यह टनल चौबीसों घंटे चालू नहीं रहती। सुरक्षा और मेंटेनेंस के उद्देश्य से इसे सुबह 06:00 बजे खोला जाता है और रात 10:00 बजे बंद कर दिया जाता है।

​लेखक के विचार (Author’s Thoughts)

​मेरे दृष्टिकोण से, प्रगति मैदान टनल केवल कंक्रीट और स्टील से बनी एक सुरंग नहीं है, बल्कि यह बदलते हुए भारत और ‘न्यू इंडिया’ की रफ्तार का एक चमकता हुआ प्रतीक है। अक्सर टनल या अंडरपास बहुत ही उबाऊ और अंधेरे से भरे होते हैं, लेकिन जिस तरह से इस टनल के भीतर भारत की कला और संस्कृति को पिरोया गया है, वह सफर को थकाऊ बनाने के बजाय आनंदमय बना देता है। जब आप इसके भीतर से गुजरते हैं, तो आपको भारतीय इंजीनियरों की काबिलियत पर गर्व महसूस होता है। यह टनल दिल्ली की आधुनिक जीवनशैली का एक अनिवार्य और खूबसूरत हिस्सा बन चुकी है।

“जमीन के नीचे रफ्तार का जादू और दीवारों पर बिखरे हिंदुस्तान के रंग, यही है दिल्ली की हाईटेक प्रगति मैदान टनल।”

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