Tally Prime में ‘Create’

Tally prime

Tally Prime में ‘Create’ विकल्प एक मुख्य गेटवे है जहाँ से आप अपनी अकाउंटिंग और इन्वेंट्री की आधारशिला रखते हैं। आसान शब्दों में कहें तो, किसी भी लेनदेन (Entry) को दर्ज करने से पहले आपको जो मास्टर डेटा चाहिए होता है, वह यहीं से बनता है।

यहाँ विस्तार से बताया गया है कि आप ‘Create’ में क्या-क्या बना सकते हैं।

​1. लेखांकन मास्टर (Accounting Masters)

  • Groups :– लेजर्स को वर्गीकृत करने के लिए (जैसे:- Sundry Debtors, Fixed Assets)।
  • Ledgers :– सबसे महत्वपूर्ण भाग। यहाँ आप ग्राहकों, सप्लायर्स, बैंक खातों और खर्चों के नाम बनाते हैं।
  • Currency :– यदि आप विदेशी मुद्रा में व्यापार करते हैं, तो नई मुद्राएँ यहाँ बनाई जाती हैं।
  • Voucher Types :– डिफ़ॉल्ट वाउचर (जैसे Sales, Purchase) के अलावा अगर आप अपने नाम से वाउचर बनाना चाहते हैं।

​2. इन्वेंट्री मास्टर (Inventory Masters)

  • Stock Group :– स्टॉक को कैटेगरी में बांटने के लिए (जैसे: Electronics, Groceries)।
  • Stock Category :– एक और स्तर का वर्गीकरण।
  • Stock Item :– उन वस्तुओं के नाम जिन्हें आप खरीदते या बेचते हैं।
  • Unit :– मापने की इकाई (जैसे: Nos, Kg, Pcs, Mtr)।
  • Godown (Location) :– जहाँ आप अपना स्टॉक रखते हैं।

​3. वैधानिक विवरण (Statutory Details)

  • GST Details :टैक्स की दरें और नियम सेट करने के लिए।
  • PAN/CIN Details :– कंपनी के कानूनी दस्तावेज़ों की जानकारी।

​4. पेरोल मास्टर (Payroll Masters) – यदि इनेबल हो

  • Employee Groups & Employees :– कर्मचारियों के नाम और विभाग।
  • Pay Heads :– सैलरी के घटक (जैसे: Basic Pay, HRA, DA)।
  • Attendance Production Types :– हाजिरी के प्रकार (जैसे: Leave, Overtime)।

Interesting Facts

  • Tally Prime में ‘Create’ विकल्प को ‘Multi-Create‘ के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे आप एक साथ कई लेजर बना सकते हैं।
  • ​इसमें ‘Go To’ फीचर के जरिए आप किसी भी एंट्री के बीच में भी ‘Create’ विंडो पर जा सकते हैं, जिससे काम रुकता नहीं है।
  • ​Tally Prime में लेजर बनाते समय ही आप उसका GST नंबर वैलिडेट कर सकते हैं (यदि इंटरनेट सक्रिय हो)।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :-

प्रश्न 1:- क्या हम ‘Create’ में जाकर पहले से बने हुए लेजर को सुधार सकते हैं?

उत्तर:- नहीं, सुधार करने के लिए आपको ‘Alter’ विकल्प का उपयोग करना होगा। ‘Create’ केवल नई जानकारी जोड़ने के लिए है।

प्रश्न 2: क्या ‘Create’ में स्टॉक आइटम बनाना अनिवार्य है?

उत्तर:- यदि आप केवल सेवाओं (Services) का व्यापार करते हैं और इन्वेंट्री मेंटेन नहीं करना चाहते, तो स्टॉक आइटम बनाना अनिवार्य नहीं है।

प्रश्न 3: लेजर बनाते समय ‘Alias’ का क्या मतलब होता है?

उत्तर:-Alias‘ का अर्थ है उपनाम। यदि आप किसी लेजर को उसके कोड या किसी छोटे नाम से ढूंढना चाहते हैं, तो वह यहाँ डाल सकते हैं।

“सही लेजर और मास्टर का चुनाव ही सटीक अकाउंटिंग की पहली सीढ़ी है।”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *